Washington News: अमरीकी टेक दिग्गज ऐप्पल ने एक बार फिर दुनिया की सबसे वैल्यूएबल पब्लिकली ट्रेडेड कंपनी का दर्जा हासिल कर लिया है। सोमवार को शेयर बाजार में ऐप्पल के शेयरों में हुई बढ़त के बाद कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 4.95 ट्रिलियन डॉलर पर पहुंच गया। इसने सेमीकंडक्टर निर्माता कंपनी एनवीडिया को पीछे छोड़ दिया है।
शेयर बाजार में आए बदलाव के कारण एनवीडिया के शेयरों में करीब 5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट के बाद कंपनी का मार्केट कैप घटकर लगभग 4.77 ट्रिलियन डॉलर रह गया है। पिछले कुछ समय से ग्लोबल मार्केट में शीर्ष स्थान हासिल करने के लिए दोनों कंपनियों के बीच काफी कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है।
एनवीडिया पर वित्तीय दबाव और एआई रणनीति में अंतर
एनवीडिया के शेयरों पर दबाव तब बढ़ा जब एक रिपोर्ट में ओपनएआई के डेटा सेंटर प्रोजेक्ट का जिक्र हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ओहियो प्रोजेक्ट के लिए 250 बिलियन डॉलर की वित्तीय गारंटी देने पर चर्चा कर रही है। हालांकि, इस सौदे पर अभी अंतिम फैसला होना बाकी है, जिससे निवेशकों में अनिश्चितता का माहौल है।
दूसरी तरफ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में ऐप्पल की रणनीति अपने प्रतिस्पर्धियों से काफी अलग नजर आती है। जहां अल्फाबेट, माइक्रोसॉफ्ट, एमेज़ॉन और मेटा जैसी दिग्गज कंपनियां डेटा सेंटर निर्माण पर भारी बजट खर्च कर रही हैं, वहीं ऐप्पल सीमित और नियंत्रित निवेश के साथ अपने एआई फीचर्स को बेहतर बनाने पर ध्यान दे रहा है।
एआई फीचर्स का विकास और आगामी तिमाही नतीजों पर नजर
हाल ही में आयोजित वर्ल्डवाइड डेवलपर्स कॉन्फ्रेंस (डब्ल्यूडब्ल्यूडीसी) में कंपनी ने नए एआई-सक्षम सिरी को पेश किया। यह नया टूल बेहतर बातचीत और पर्सनल कॉन्टेक्स्ट को समझने में सक्षम है। कंपनी का कहना है कि उसका एआई सिस्टम अधिकतर डेटा प्रोसेसिंग ऑन-डिवाइस ही करता है, जबकि जटिल कार्यों के लिए प्राइवेट क्लाउड कंप्यूट का इस्तेमाल होता है।
अब निवेशकों की निगाहें 30 जुलाई को जारी होने वाले ऐप्पल की वित्तीय तीसरी तिमाही के नतीजों पर टिकी हैं। इससे पहले कंपनी ने अपनी दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन करते हुए 111.2 बिलियन डॉलर का रेवेन्यू दर्ज किया था। यह पिछले साल से 17 फीसदी अधिक था, जबकि प्रति शेयर आय भी 22 फीसदी बढ़ी थी।