भोपाल की PushpakO2 ने पेश किया ‘मदरशिप-स्वार्म UAV’ कॉन्सेप्ट, हवा में छोटे ड्रोनों का झुंड करेगा तैनात

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Bhopal News: भोपाल स्थित एयरोस्पेस और एडवांस्ड इंजीनियरिंग कंपनी PushpakO2 ने रक्षा क्षेत्र के लिए एक अत्याधुनिक ‘मदरशिप-स्वार्म UAV’ सिस्टम का कॉन्सेप्ट पेश किया है। इस तकनीक के तहत एक मुख्य बड़ा मानवरहित विमान उड़ान के दौरान हवा में ही कई छोटे स्वायत्त ड्रोनों को लॉन्च कर सकेगा, जिससे निगरानी और रणनीतिक अभियानों में भारतीय सुरक्षा बलों की क्षमता कई गुना बढ़ सकती है।

भोपाल की एयरोस्पेस और एडवांस्ड इंजीनियरिंग कंपनी PushpakO2 ने भारतीय सेना की भावी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक नए ‘मदरशिप-स्वार्म UAV’ सिस्टम का कॉन्सेप्ट सार्वजनिक किया है। यह प्रणाली एक बड़े मानवरहित विमान (UAV) पर आधारित है, जो अपने भीतर कई छोटे स्वायत्त ड्रोन लेकर उड़ान भरने और जरूरत पड़ने पर उन्हें हवा में ही तैनात करने में सक्षम होगी।

आईडीआरडब्ल्यू (IDRW) की रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे सिस्टम में बड़ा यूएवी सिर्फ उड़ान भरने या हमले तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह छोटे ‘लोइटरिंग UAV’ के लिए एक वाहक (कैरियर) प्लेटफॉर्म के रूप में काम करेगा। कंपनी द्वारा जारी कॉन्सेप्ट तस्वीरों में एक बड़े विमान के जरिए कई छोटे फिक्स्ड-विंग ड्रोनों को हवा में छोड़ते हुए दर्शाया गया है। इस पूरे ढांचे में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सुरक्षित एन्क्रिप्टेड संचार प्रणाली का इस्तेमाल प्रस्तावित है।

अनुसंधान और प्रोटोटाइप चरण में है परियोजना

कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह परियोजना फिलहाल रिसर्च और प्रोटोटाइप के प्रारंभिक चरण में है। इसलिए इसे तत्काल सेना के लिए तैयार हथियार के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। जारी की गई तस्वीरें भी केवल इस प्रणाली की कार्यप्रणाली और वैचारिक मॉडल को समझाने के उद्देश्य से साझा की गई हैं।

बहुउद्देशीय अभियानों में मिलेगी मदद

इस प्रणाली का मुख्य आधार इसका मदरशिप प्लेटफॉर्म होगा। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि सेना को विभिन्न छोटे ड्रोनों को अलग-अलग जमीनी ठिकानों से लॉन्च करने की आवश्यकता नहीं होगी। एक ही मुख्य प्लेटफॉर्म से कई छोटे यूएवी हवा में छोड़े जा सकेंगे, जिससे समय और लॉजिस्टिक दोनों की बचत होगी।

मिशन के दौरान हवा में छोड़े जाने वाले ये छोटे ड्रोन लोइटरिंग यूएवी के रूप में काम करेंगे। इन्हें अलग-अलग सेंसर और पेलोड से सुसज्जित किया जा सकता है। मिशन की प्रकृति के अनुसार, कुछ ड्रोन लक्षित क्षेत्रों की निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाने का काम करेंगे, जबकि अन्य ड्रोनों को आवश्यकता पड़ने पर विशिष्ट सैन्य अभियानों के लिए लक्षित किया जा सकेगा। हालांकि, एक मदरशिप प्लेटफॉर्म अधिकतम कितने छोटे ड्रोनों को ले जाने में सक्षम होगा, इस बारे में कंपनी ने अभी कोई तकनीकी आंकड़ा साझा नहीं किया है।

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