दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का प्रकोप बढ़ा, 20 इलाकों में AQI 400 के पार और धुंध की चादर

Share

- Advertisement -

Delhi News: दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। राजधानी का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 369 दर्ज किया गया, जबकि 20 इलाकों में यह 400 के पार ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच चुका है। हवा की धीमी गति और स्मॉग के कारण लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण का स्तर तेजी से बिगड़ गया है। बुधवार सुबह दिल्ली का ओवरऑल एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 369 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं, राजधानी के 20 निगरानी केंद्रों पर एक्यूआई 400 के स्तर को पार कर ‘गंभीर’ (Severe) श्रेणी में दर्ज हुआ है। जहरीली हवा के कारण लोगों को सांस लेने में भारी परेशानी, गले में खराश और आंखों में जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

एनसीआर के शहरों में भी छाई धुंध की मोटी चादर

दिल्ली के साथ-साथ नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ और गुरुग्राम में भी सुबह से ही आसमान में स्मॉग और धुंध की चादर छाई रही। दृश्यता का स्तर काफी कम दर्ज किया गया। सड़कों पर वाहनों से निकलने वाला उत्सर्जन, निर्माण गतिविधियों की धूल और स्थानीय प्रदूषण स्रोतों ने हवा में सूक्ष्म कणों की मात्रा को बढ़ा दिया है, जिससे सुबह के समय दृश्यता प्रभावित हुई।

धीमी हवा और नमी से नहीं मिल रही राहत

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, हवा की गति धीमी रहने और वातावरण में नमी बढ़ने के कारण प्रदूषक कण जमीन की सतह के निकट जमा हो गए हैं। हल्की ओस के चलते धूल और धुएं के कण वायुमंडल में फैलकर घने स्मॉग में बदल गए हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि दोपहर में धूप की तीव्रता कम रहने से प्रदूषकों के छंटने की संभावना सीमित है, जिससे शाम तक प्रदूषण से तत्काल राहत मिलने के आसार कम हैं।

संवेदनशील लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दिल्ली के वर्तमान वायु स्तर को गंभीर स्वास्थ्य जोखिम वाला बताया है। विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से दमा या हृदय रोग से पीड़ित मरीजों को अतिरिक्त एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि लोग सुबह और देर शाम खुले मैदानों में भारी व्यायाम या दौड़ने से बचें। घर से बाहर निकलते समय अच्छी फिटिंग वाले N95 मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें और घरों की खिड़कियां बंद रखें ताकि बाहरी जहरीली हवा से बचाव हो सके।

Read more

Related News