Ayodhya News: अयोध्या में भव्य दीपोत्सव के बीच स्थानीय सांसद अवधेश प्रसाद के बयान से सियासी माहौल गरमा गया है। समाजवादी पार्टी के सांसद ने आरोप लगाया है कि जनप्रतिनिधि होने के बावजूद उन्हें इस सरकारी आयोजन का निमंत्रण नहीं मिला। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आयोजन को सनातन संस्कृति का पुनर्जागरण बताया है।
अयोध्या में 10वें दीपोत्सव का आयोजन शनिवार, 7 नवंबर को भव्यता के साथ शुरू हुआ। राम की पैड़ी और सरयू तट के 56 घाटों पर करीब 30 लाख दीप प्रज्ज्वलित किए जाने की तैयारी के बीच इस आयोजन पर सियासी विवाद भी गहरा गया है। फैजाबाद (अयोध्या) लोकसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने आरोप लगाया है कि स्थानीय जनप्रतिनिधि होने के बाद भी जिला प्रशासन व सरकार द्वारा उन्हें इस बड़े सरकारी कार्यक्रम का कोई औपचारिक न्योता नहीं दिया गया।
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से निमंत्रण मिलने या न मिलने का मलाल नहीं है, लेकिन एक बड़े धार्मिक व सांस्कृतिक आयोजन से स्थानीय जनमानस और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आयोजन में स्थानीय लोगों की भागीदारी और उनकी समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। हालांकि, सांसद को निमंत्रण नहीं भेजे जाने के मुद्दे पर प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं हुआ है।
सीएम योगी और उपराष्ट्रपति ने दीपोत्सव में लिया हिस्सा
भव्य दीपोत्सव समारोह में भाग लेने के लिए उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को अयोध्या पहुंचे। मुख्यमंत्री ने राम जन्मभूमि आंदोलन, 500 वर्षों के इतिहास और अयोध्या के विकास पर आधारित विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि यह आयोजन सिर्फ दीप जलाने या नए विश्व रिकॉर्ड बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण और अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर पुनः स्थापित करने का संकल्प है। उन्होंने आह्वान किया कि दीपोत्सव की रोशनी समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे, यही सही मायनों में रामराज्य का भाव है।
पहले भी उठ चुका है निमंत्रण का विवाद
यह पहला मौका नहीं है जब अवधेश प्रसाद ने दीपोत्सव में उपेक्षा का आरोप लगाया हो। इससे पहले अक्टूबर 2024 के दीपोत्सव में भी उन्होंने निमंत्रण नहीं मिलने की बात कही थी। उस दौरान भाजपा विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने पलटवार करते हुए कहा था कि सांसद को प्राण प्रतिष्ठा का भी न्योता मिला था, लेकिन वे दर्शन के लिए नहीं पहुंचे थे।
2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के पूर्व सांसद लल्लू सिंह को हराकर अवधेश प्रसाद सांसद चुने गए थे। आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के मद्देनजर दीपोत्सव जैसे महत्वपूर्ण मंच पर निर्वाचित सांसद की गैरमौजूदगी को लेकर भाजपा और सपा के बीच राजनीतिक खींचतान और तेज होने की संभावना है।