New Delhi News: केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना के तहत पहले बैच के करीब 75 प्रतिशत अग्निवीरों को 2 साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार देने का निर्णय लिया है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने स्पष्ट किया कि 4 साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद यह विकल्प पूरी तरह ऐच्छिक होगा।
अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में शामिल हुए अग्निवीरों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब चार साल का सेवाकाल पूरा करने वाले अग्निवीरों को अतिरिक्त दो साल सेना में कार्य करने का अवसर मिलेगा। इसके तहत अग्निवीरों का कुल सेवा कार्यकाल चार वर्ष से बढ़कर छह वर्ष हो सकेगा। छह साल की सेवा पूरी करने के बाद भी वे नियमित रक्षा सेवाओं के लिए आवेदन करने के पात्र रहेंगे।
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने प्रेस वार्ता में इस निर्णय की आधिकारिक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था के तहत पहले बैच के लगभग 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो वर्ष की अतिरिक्त सेवा का विकल्प उपलब्ध कराया जाएगा। इस निर्णय से उन जवानों को बड़ी राहत मिलेगी, जिनका चार वर्ष का सेवाकाल दिसंबर 2026 में समाप्त हो रहा था।
पहले बैच के 18,300 अग्निवीरों के लिए खुला विकल्प
अग्निपथ योजना के पहले बैच में थल सेना, वायुसेना और नौसेना को मिलाकर कुल करीब 24,400 अग्निवीरों की भर्ती की गई थी। इनमें लगभग 19,000 थल सेना, 2,850 वायुसेना और 2,550 नौसेना में शामिल हुए थे। योजना के मूल प्रावधानों के अनुसार, चार साल की सेवा के बाद 25 प्रतिशत जवानों को नियमित कैडर में बनाए रखने और शेष करीब 75 प्रतिशत (लगभग 18,300 अग्निवीर) को 31 दिसंबर 2026 तक सेवामुक्त करने की व्यवस्था थी। सरकार के ताजा फैसले से इस 75 फीसदी हिस्से के सामने सेना में बने रहने का नया विकल्प खुल गया है।
सेवा विस्तार पूरी तरह ऐच्छिक, स्थायी नियुक्ति के लिए तय होंगे मानक
सीडीएस ने स्पष्ट किया कि दो साल का यह सेवा विस्तार किसी भी अग्निवीर के लिए अनिवार्य नहीं होगा। चार साल का कार्यकाल पूरा करने वाले जवान अपनी इच्छा से यह तय कर सकेंगे कि वे सेवामुक्त होना चाहते हैं या दो साल और सेवाएं देना चाहते हैं। किसी भी जवान पर अतिरिक्त सेवा जारी रखने के लिए कोई दबाव नहीं बनाया जाएगा।
इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि दो साल का एक्सटेंशन मिलने मात्र से कोई अग्निवीर स्वतः नियमित या स्थायी सैनिक नहीं बनेगा। अतिरिक्त सेवा अवधि समाप्त होने के बाद नियमित सशस्त्र बलों में शामिल होने के इच्छुक जवानों को निर्धारित चयन प्रक्रिया, शारीरिक दक्षता और तय सेवा मापदंडों पर खरा उतरना अनिवार्य होगा।