Shimla News: हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर विशेष खेल संवाद का आयोजन किया। कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने कहा कि एआई के इस युग में शारीरिक शिक्षा के साथ आधुनिक तकनीक अपनाना सफलता के लिए बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स कोच भूपिंदर सिंह और अंतरराष्ट्रीय बास्केटबॉल कोच जनम चंद कटोच मुख्य वक्ता रहे। विभागाध्यक्ष डॉ. मनोहर लाल ने कहा कि हर पदक के पीछे खिलाड़ी का लंबा संघर्ष, अनुशासन और निरंतर प्रयास होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।
अंतरराष्ट्रीय कोच जनम चंद कटोच ने युवाओं को लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जीवन की अड़चनों को रास्ते की रुकावट न बनने दें। माता-पिता का ध्यान रखते हुए अपने काम के प्रति पूरी ईमानदारी बरतें, क्योंकि सच्ची मेहनत कभी बेकार नहीं जाती है।
इसके बाद भूपेंद्र ठाकुर ने बॉडी एनर्जी सिस्टम को समझाते हुए ट्रेनिंग प्लान तैयार करने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एथलीट को अपने शरीर की ऊर्जा प्रणाली समझकर ही अभ्यास करना चाहिए। सही वैज्ञानिक योजना ही किसी भी खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता दिला सकती है।
उन्होंने कहा कि असली शिक्षा केवल डिग्री हासिल करना नहीं है। अपने दिमाग और शरीर का सही इस्तेमाल करके जीवन की चुनौतियों से निपटना ही वास्तविक शिक्षा है। इस अवसर पर विभाग के प्राध्यापक, शोधार्थी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।