Shimla News: हिमाचल प्रदेश के सरकारी सीबीएसई स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों की सैलरी अब सीधे उनकी हाजिरी से जुड़ने जा रही है। स्कूल शिक्षा विभाग ने वीएसके (स्विफ्टचैट) पोर्टल पर दर्ज हाजिरी के वेरिफिकेशन के बाद ही शिक्षकों के सैलरी बिल बनाने का फैसला किया है। यह नई व्यवस्था इसी महीने से प्रभावी होगी।
आधिकारिक आदेशों के अनुसार, सैलरी बिल बनाने से पहले पोर्टल पर दर्ज अटेंडेंस जांची जाएगी। यदि कोई शिक्षक निर्धारित प्रक्रिया के तहत हाजिरी दर्ज नहीं करता है, तो नियमों के तहत संबंधित अवधि का वेतन अगले महीने काटा जा सकेगा। विभाग जल्द ही इस पोर्टल को ई-सैलरी सिस्टम से जोड़ेगा।
वेतन कटौती पर अपील की सुविधा और निर्देश
सिस्टम के पूरी तरह जुड़ने के बाद हाजिरी का ऑटोमेटेड वेरिफिकेशन संभव होगा और सैलरी बिल सीधे अटेंडेंस के आधार पर तैयार होंगे। यदि किसी शिक्षक को अटेंडेंस के आधार पर की गई वेतन कटौती पर कोई आपत्ति है, तो वह नियमानुसार स्कूल शिक्षा निदेशक के समक्ष अपनी अपील दर्ज करा सकेगा।
विभाग ने सभी स्कूल प्रमुखों, प्रिंसिपलों, हेडमास्टरों और बीईईओ को इन नए नियमों की सख्त अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल यह पूरी व्यवस्था पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सरकारी सीबीएसई स्कूलों में लागू की जा रही है, जिसे आगे अन्य स्कूलों में भी बढ़ाया जा सकता है।