Shimla News: शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में बिलासपुर के 64 वर्षीय मरीज की उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतक रामाशीष राम एच1एन1 संक्रमण से ग्रसित थे। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि फेफड़ों की पुरानी गंभीर बीमारियां मरीज की मृत्यु का मुख्य कारण बनीं।
गंभीर हालत में अस्पताल में कराया गया था भर्ती
अस्पताल प्रशासन के अनुसार मरीज को 13 अगस्त को सांस लेने में गंभीर तकलीफ के बाद आईजीएमसी में भर्ती कराया गया था। गहन चिकित्सा के दौरान लिए गए सैंपल की रिपोर्ट 29 अगस्त को एच1एन1 पॉजिटिव आई। डॉक्टरों की टीम की तमाम कोशिशों के बावजूद मरीज की स्थिति में सुधार नहीं हुआ और उन्होंने दम तोड़ दिया।
फेफड़ों की पुरानी बीमारी बनी मौत की मुख्य वजह
स्वास्थ्य विभाग और डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि मरीज पहले से ही इंटरस्टिशियल लंग डिजीज और लोअर लोब निमोनिया से पीड़ित थे। इन पुरानी बीमारियों के कारण उनके फेफड़े काफी कमजोर हो चुके थे, जिससे शरीर फ्लू के संक्रमण का मुकाबला नहीं कर सका और गंभीर स्थिति बन गई।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एहतियाती एडवाइजरी
मामले के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश भर में अलर्ट जारी किया है। विभाग ने आम जनता को सलाह दी है कि तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें। ऐसे लक्षण दिखने पर मरीज तुरंत नजदीकी अस्पताल में जाकर डॉक्टर से सलाह लें।
विभाग ने बुजुर्गों और पहले से सांस या दिल की बीमारी से पीड़ित लोगों को भीड़भाड़ वाली जगहों से बचने की सलाह दी है। इसके अलावा खांसते-छींकते समय मुंह ढकने, हाथों की नियमित सफाई रखने और बिना डॉक्टरी सलाह के कोई भी दवा न लेने की अपील की गई है।