New Delhi News: फेस्टिव सीजन शुरू होते ही आम उपभोक्ताओं पर महंगाई का दोहरा असर पड़ा है। मिठाइयों और घरेलू उपयोग के लिए चीनी की मांग बढ़ते ही कीमतों में तेजी आई है। इसके साथ ही क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और बड़े रिटेल स्टोर्स ने प्रति ग्राहक चीनी खरीदने की मात्रा भी सीमित कर दी है।
ऑनलाइन ऐप्स और सुपरमार्केट्स ने तय किया खरीद कोटा
ब्लिंकिट, जेप्टो और स्विगी इंस्टामार्ट जैसे प्लेटफॉर्म्स ने प्रति ऑर्डर चीनी के पैकेट्स की संख्या सीमित कर दी है, जहां एक बार में दो पैकेट तक ही ऑर्डर मिल रहा है। दूसरी ओर, डीमार्ट (DMart) और रिलायंस जैसी बड़ी ऑफलाइन रिटेल चेन्स ने भी प्रति ग्राहक दो से तीन किलो तक की सीमा तय की है।
सप्लाई सुधारने के लिए सरकार ने आयात नियमों में दी ढील
त्योहारों में हलवाइयों, बेकरी और फूड इंडस्ट्री से भारी मांग आने के कारण सप्लाई प्रभावित हुई है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने टैरिफ-रेट कोटा (TRQ) के तहत 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति 31 अक्टूबर तक दी है, जिससे बाजार में उपलब्धता बढ़ाई जा सके।
सरकार ने रिफाइनिंग से जुड़े पुराने नियमों में भी संशोधन किया है। अब आयातकों को ‘बिल ऑफ एंट्री’ दाखिल करने की तारीख से दो महीने का अतिरिक्त समय मिलेगा, ताकि वे कच्ची चीनी को रिफाइंड चीनी में बदलकर घरेलू बाजार में आसानी से बेच सकें और त्योहारी मांग को पूरा कर सकें।