Shimla News: हिमाचल प्रदेश संयुक्त आउटसोर्स कर्मचारी संघ ने मंगलवार को शिमला के चौड़ा मैदान में शक्ति प्रदर्शन किया। विधानसभा के बाहर जुटे करीब 1700 कर्मचारियों ने स्थायी नीति और समान काम-समान वेतन की मांग उठाई। संघ ने सरकार को अपनी तीन प्रमुख मांगें पूरी करने के लिए दो महीने का वक्त दिया है।
नौकरी की सुरक्षा और समान वेतन प्रमुख मांगें
कर्मचारियों की मुख्य मांग है कि उनके लिए 58 वर्ष तक नौकरी की सुरक्षा वाली पारदर्शी नीति बनाई जाए। साथ ही समान काम-समान वेतन लागू करने और दिव्यांग तथा दिवंगत कर्मचारियों के परिजनों को उचित वित्तीय लाभ देने की मांग की गई है। मांगें पूरी न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में लगभग 25 हजार आउटसोर्स कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इनमें से कई कर्मचारी पिछले 15 से 20 वर्षों से मात्र 12 हजार रुपए के मासिक मानदेय पर कार्यरत हैं। नौकरी की अनिश्चितता और कम वेतन के चलते इन कर्मचारियों के परिवारों के सामने गहरा आर्थिक संकट बना हुआ है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से समाधान की उम्मीद
संघ के संयोजक अश्वनी शर्मा ने कहा कि कर्मचारी अब अपने अधिकारों से पीछे नहीं हटेंगे। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू कर्मचारियों के हित में उचित कदम उठा रहे हैं। चौड़ा मैदान में भारी भीड़ के कारण प्रशासन को यातायात वन-वे करना पड़ा और मौके पर सुरक्षा बल तैनात रहे।