बांकीपुर में प्रशांत किशोर की आभार सभा, कहा- तीन महीने में बुजुर्गों को मिलेगी 1100 रुपये पेंशन और मिलेगा पूरा राशन

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Patna News: जनसुराज के सूत्रधार और बांकीपुर के नवनिर्वाचित विधायक प्रशांत किशोर ने बुधवार को बोरिंग कैनाल रोड में आभार सभा का आयोजन किया। उन्होंने लोगों से कहा कि नगर निगम या पुलिस थाने से जुड़ी कोई भी शिकायत हो, तो सीधे जनसुराज कार्यालय आकर दर्ज कराएं।

प्रशांत किशोर ने जोर देकर कहा कि विधायक से जुड़े किसी भी काम में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने तीन महीने के भीतर बांकीपुर के 60 वर्ष से अधिक उम्र के सभी बुजुर्गों को 1100 रुपये की पेंशन दिलाने और हर पात्र व्यक्ति को पूरा राशन उपलब्ध कराने का वादा किया।

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बांकीपुर के 70 प्रतिशत लोग बच्चों को प्राइवेट स्कूल में पढ़ाते हैं। प्रशांत किशोर ने कहा कि प्राइवेट स्कूलों की फीस कम करने के लिए अगले साल मार्च तक स्कूल मालिकों के साथ बैठक होगी। इस व्यवस्था से प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के परिजनों को आर्थिक राहत मिल सकेगी।

मीठापुर में आयोजित दूसरी आभार सभा में प्रशांत किशोर ने कहा कि बांकीपुर में मिली जीत कोई तुक्का नहीं थी। इसने साबित कर दिया कि जब जनता को भरोसेमंद विकल्प मिलता है, तो वह बिहार में जातिवादी राजनीति से ऊपर उठने के लिए पूरी तरह तैयार रहती है।

उन्होंने राज्य की मौजूदा शराबबंदी को एक नकली कानून बताया। प्रशांत किशोर ने एक ऐसी रेगुलेटेड शराब नीति की मांग की, जिससे यह व्यापार कानूनी निगरानी में आए और पाबंदी से पैदा होने वाले भ्रष्टाचार पर रोक लगे। उपचुनाव के नतीजों को उन्होंने बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत बताया।

प्रशांत किशोर ने कहा कि वोटरों को अब जाति, धर्म, पार्टी के प्रति वफादारी और व्यक्तिगत नेताओं के बजाय शिक्षा, रोजगार और बेहतर गवर्नेंस को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने इंटरव्यू में कहा, “अगर लोगों के पास कोई भरोसेमंद विकल्प हो, तो वे किसी पार्टी या नेता के गुलाम नहीं होते।”

किशोर ने 3 अगस्त को बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव जीतकर अपनी पहली चुनावी जीत हासिल की। यह सीट 1995 से बीजेपी का मजबूत गढ़ रही थी। बीजेपी के लंबे समय से विधायक और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद यह सीट खाली हुई थी।

बिहार के विकास को राष्ट्रीय मिशन बताते हुए किशोर ने कहा कि देश की 10% आबादी बिहार में रहती है। यह राज्य सबसे गरीब है और यहां बेरोजगारी के कारण सबसे ज्यादा पलायन होता है। जब तक बिहार में सुधार नहीं होगा, तब तक विकसित भारत का सपना अधूरा रहेगा।

बांकीपुर के विधायक के रूप में अपनी प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए उन्होंने वादा किया कि पात्र लाभार्थियों को बिना रिश्वत के राशन कार्ड, पेंशन और सुविधाएं मिलेंगी। तीन महीने में सभी सरकारी योजनाएं भ्रष्टाचार और चोरी के बिना आम लोगों तक उनके अधिकार के तौर पर पहुंचेंगी।

प्रशांत किशोर ने अगले एक साल में बांकीपुर के 10,000 बेरोजगार और कम-हुनर वाले युवाओं को प्राइवेट सेक्टर में नौकरियां दिलाने का लक्ष्य रखा। उन्होंने माना कि इनमें से ज्यादातर नौकरियां बिहार के बाहर होंगी, क्योंकि राज्य में बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियां और इंडस्ट्रीज अभी बेहद कम हैं।

उन्होंने बांकीपुर में बीजेपी की हार की वजह मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रति जनता की नाराजगी, बीजेपी के अति-आत्मविश्वास और एक मजबूत विकल्प के तौर पर जनसुराज के उभरने को बताया। उन्होंने कहा कि जनता अब असली मुद्दों पर विकास करने वाली सरकार चाहती है।

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Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

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