Mandi News: हिमाचल प्रदेश में वरिष्ठ सिविल जज कोर्ट एक सुंदरनगर ने डैहर की कीमती जमीन से जुड़े 9 साल पुराने जमीन विवाद पर फैसला सुना दिया है। अदालत ने राजस्व रिकॉर्ड में अवैध गैर-मौरूसी प्रविष्टियों को रद्द करते हुए वादी के पक्ष में निर्णय दिया है।
कोर्ट ने प्रतिवादियों को विवादित जमीन का खाली कब्जा वादी को सौंपने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। इसके साथ ही जमीन पर किए गए अवैध निर्माण को तुरंत गिराने का आदेश भी कोर्ट ने जारी किया है। यह कानूनी मामला डैहर गांव के खसरा नंबर 99 से संबंधित है।
दिवंगत सोहन लाल के वारिसों नंद लाल और राकेश कुमार ने याचिका दाखिल की थी। उनका आरोप था कि 1980-81 के बंदोबस्त में राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से उनकी पुश्तैनी जमीन पर प्रतिवादियों के पूर्वजों को गलत तरीके से दर्ज कर दिया गया था।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि यह गलत एंट्री नियमों का उल्लंघन करके की गई थी। इस बदलाव के लिए न तो कोई रपट दर्ज हुई और न ही जमीन के असली मालिकों को अपनी बात रखने का कोई मौका मिला।
कोर्ट ने प्रतिवादियों के नाम दर्ज सभी गैर-मौरूसी प्रविष्टियों को पूरी तरह अवैध घोषित कर दिया है। इसके साथ ही प्रतिवादियों को तुरंत अवैध ढांचा गिराकर जमीन का मालिकाना कब्जा वादी को सौंपने का स्पष्ट आदेश जारी किया है।