Hyderabad News: हैदराबाद पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग ने शहर में छापेमारी कर 25 टन मिलावटी मसाले जब्त किए हैं। किचन में रोजाना इस्तेमाल होने वाले लौंग, जीरा और गरम मसाला में कपड़े की डाई तथा टैलकम पाउडर मिलाया जा रहा था। पुलिस ने आम जनता को नकली मसालों की पहचान करने के आसान तरीके बताए हैं।
हैदराबाद पुलिस की छापेमारी में 25 टन मसाले बरामद
हैदराबाद फूड एडल्टरेशन सर्विलांस टीम ने जीएचएमसी के फूड सेफ्टी विभाग के साथ मिलकर मसाला प्रोसेसिंग यूनिट्स पर कार्रवाई की। इस दौरान भारी मात्रा में मिलावटी मसाले बरामद किए गए। इन मसालों को तैयार करने के लिए खतरनाक केमिकल कलर और टैलकम पाउडर का इस्तेमाल किया जा रहा था, जो सेहत के लिए बेहद हानिकारक है।
मिलावटी लौंग का सेवन सेहत के लिए बेहद खतरनाक
सब्जी और मसालों में इस्तेमाल होने वाली लौंग को केमिकल डाई से काला किया जा रहा था। ऐसी रंगी हुई लौंग का सेवन करने से पेट संबंधी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। डॉक्टर और विशेषज्ञों के मुताबिक लंबे समय तक इन मिलावटी मसालों का लगातार इस्तेमाल करने से लिवर और किडनी को भी भारी नुकसान पहुंच सकता है।
पानी और तेल से करें असली लौंग की पहचान
असली लौंग की पहचान के लिए इसे 1 गिलास पानी में 5 मिनट के लिए डालें। अगर पानी का रंग बदलकर भूरा या काला हो जाए, तो लौंग नकली है। इसके अलावा लौंग को तवे पर गर्म करके उसकी चिकनाई जांचें। यदि गर्म करने पर उसमें से तेल या चिकनाई नहीं निकलती, तो वह मिलावटी है।
जीरे में मिलाया जा रहा लकड़ी का बुरादा और चारकोल
दाल और सब्जियों में तड़के के लिए इस्तेमाल होने वाले जीरे में भी भारी मिलावट पाई गई है। जीरे में लकड़ी का बुरादा, चारकोल की धूल और सिंथेटिक डाई मिलाई जा रही है। इसकी जांच के लिए जीरे को पानी में 10 मिनट डालें। अगर पानी का रंग काला पड़े तो जीरा नकली है, जबकि असली जीरा तैरता रहेगा।
सावधानी बरतें और संदिग्ध मामलों की शिकायत तुरंत करें
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे खाद्य पदार्थ हमेशा लाइसेंस प्राप्त दुकानों से ही खरीदें। अगर आपको किसी भी खाद्य पदार्थ या मसाले में मिलावट का अंदेशा होता है, तो उसकी जानकारी तुरंत पुलिस हेल्पलाइन नंबर 100 या एच-फास्ट के विशेष हेल्पलाइन नंबर 8712661212 पर कॉल करके दर्ज कराएं।