Una News: ऊना जिले के हरोली में बन रहे बल्क ड्रग पार्क के कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए केंद्र सरकार ने 1000 करोड़ रुपये की ग्रांट-इन-एड स्वीकृत की है। संसद में अनुराग ठाकुर द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने यह जानकारी दी है।
1923 करोड़ की परियोजना से पर्यावरण सुरक्षा का पूरा ध्यान
इस पूरी परियोजना की कुल अनुमानित लागत 1923 करोड़ रुपये है, जिसमें से बुनियादी सुविधाओं पर 1118.46 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पर्यावरण संरक्षण के लिए 244.43 करोड़ रुपये की लागत से 5 मिलियन लीटर प्रतिदिन क्षमता वाला जीरो लिक्विड डिस्चार्ज कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट मंजूर किया गया है।
इस प्रोजेक्ट को सितंबर 2025 में पर्यावरणीय स्वीकृति मिल चुकी है। इसके सिविल वर्क, साइट डिमार्केशन और स्टीम जनरेशन से जुड़े प्रमुख टेंडर आबंटित किए जा चुके हैं। पहले चरण के तहत 800 एकड़ क्षेत्र में निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
प्रदेश में 10 हजार करोड़ के निवेश और रोजगार के नए अवसर
सांसद अनुराग ठाकुर ने इसे हिमाचल के औद्योगिक विकास के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि यह पार्क प्रदेश को देश का प्रमुख फार्मास्यूटिकल विनिर्माण केंद्र बनाएगा। इसके शुरू होने से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई दिशा और गति मिलेगी।
अनुराग ठाकुर ने बताया कि बल्क ड्रग पार्क बनने से राज्य में 8,000 से 10,000 करोड़ रुपये का निजी निवेश आने की उम्मीद है। इसके अलावा, इस महत्वाकांक्षी परियोजना के शुरू होने से स्थानीय स्तर पर 15,000 से 20,000 युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलेंगे।