Dehradun News: उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। पहाड़ी और मैदानी इलाकों में भूस्खलन और नदियों के उफान से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सुरक्षा को देखते हुए केदारनाथ यात्रा रोक दी गई है।
सोनप्रयाग और गौरीकुंड के बीच कई स्थानों पर पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने के कारण केदारनाथ हाईवे बंद हो गया है। इस वजह से यात्रा मार्ग पर कम से कम 850 श्रद्धालु फंसे हुए हैं, जिन्हें सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है।
बारिश और भूस्खलन से कई राष्ट्रीय राजमार्ग और संपर्क मार्ग बाधित
राज्य भर में बारिश के कारण कुल 91 सड़कें बंद हो चुकी हैं। कुमाऊं में तवाघाट-लिपुलेख मार्ग नौ घंटे तक बंद रहा, जबकि यमुनोत्री हाईवे पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हुआ। हरिद्वार में उफनाती नदी में दो कारें बह गईं, जिन्हें बाद में निकाला गया।
देहरादून के क्लेमनटाउन इलाके में एक बड़ा हादसा हो गया, जहां नाले के तेज बहाव में बहने से दो मासूम सगी बहनों की दर्दनाक मौत हो गई। ज्योतिर्मठ के किमाणा गांव में पहाड़ी दरकने से मलबा घरों में घुस गया, जिससे कई मकान खतरे में हैं।
मौसम विभाग ने राज्य के आठ जिलों में जारी किया अलर्ट
मौसम विभाग ने देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, टिहरी, पौड़ी, बागेश्वर और पिथौरागढ़ सहित आठ जिलों में भारी बारिश और आकस्मिक बाढ़ की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने सभी जिलाधिकारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
आपदा प्रबंधन अधिकारियों का कहना है कि मौसम साफ होते ही अवरुद्ध मार्गों को खोलने का काम शुरू किया जाएगा। तब तक श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को संवेदनशील क्षेत्रों में जाने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।