किशाऊ बांध विवाद: सीएम सुक्खू की हरियाणा को चेतावनी, बीबीएमबी एरियर मिलने पर ही हस्ताक्षर होगा एमओयू

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Solan News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हरियाणा सरकार को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किशाऊ बांध के एमओयू पर हस्ताक्षर तभी होंगे जब हरियाणा 2011 से लंबित बीबीएमबी एरियर के भुगतान का हलफनामे में लिखित आश्वासन देगा। इससे हिमाचल को अगले 15 वर्षों में 500 करोड़ रुपये मिलेंगे।

समझौता न होने पर पड़ोसी राज्यों में बढ़ेगा जल संकट

सोलन के क्यारीघाट में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरवार को कोर्ट में सुनवाई के दौरान हिमाचल ने दो टूक रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि 2011 से हमारा पैसा फंसा है। यदि यह समझौता नहीं हुआ तो आधा हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और गुरुग्राम पानी की भीषण कमी से प्रभावित हो सकते हैं।

सीएम सुक्खू ने कहा कि किशाऊ जलविद्युत परियोजना से 1000 करोड़ रुपये की वार्षिक आय होगी। कानूनी फैसला हिमाचल के पक्ष में आने के बावजूद पड़ोसी राज्य एरियर नहीं दे रहे हैं। हम अपना हक मांग रहे हैं और इसे लेकर ही रहेंगे। हम देश की सेवा के लिए जल और त्याग देने को हमेशा तैयार हैं।

बीजेपी पर लगाया राजस्व नुकसान और धोखा देने का आरोप

मुख्यमंत्री ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष ने केंद्र से मिलने वाली आरडीजी को रुकवाकर प्रदेश की जनता के साथ धोखा किया है। यह सहायता 1952 से 2026 तक सालाना 8000 से 10000 करोड़ रुपये मिलती थी। उन्होंने कहा कि पांच गुटों में बंटी भाजपा केवल सरकार बनाने के सपने देख रही है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार भ्रष्टाचार के रास्ते बंद कर 2027 तक राज्य को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है। पूर्व सरकार ने नालागढ़-बद्दी में 5000 बीघा जमीन बिना शुल्क उद्योगपतियों को दे दी थी। वहीं मौजूदा सरकार ने वाइल्ड फ्लावर हॉल से 421 करोड़ और जेडब्ल्यूएस से 150 करोड़ रुपये वसूल किए हैं।

Right News Desk
Right News Desk
लॉ और पत्रकारिता स्नातक, पत्रकारिता में 11 वर्ष का अनुभव

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