Dhaka News: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपने देश वापस लौटने का ऐलान किया है। भारत में शरण ले रहीं शेख हसीना ने एक साक्षात्कार में बताया कि उन पर भारत छोड़ने का कोई दबाव नहीं है। वह अपनी मर्जी से बांग्लादेश वापस जा रही हैं।
न्यूज एजेंसी AFP को ईमेल के जरिए दिए इंटरव्यू में शेख हसीना ने स्पष्ट किया कि भारतीय अधिकारियों के साथ प्रत्यर्पण को लेकर कोई बात नहीं हुई है। वह भारत में पूरे सम्मान के साथ रह रही हैं। बांग्लादेश की मौजूदा तारिक रहमान सरकार ने उनके औपचारिक प्रत्यर्पण की मांग की है।
अगस्त 2024 का छात्र आंदोलन एक सोची-समझी साजिश थी
पूर्व प्रधानमंत्री ने अगस्त 2024 के छात्र आंदोलन को सरकार गिराने की सुनियोजित साजिश बताया। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने इस आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की कोशिश की थी। यह कोई आम छात्र आंदोलन नहीं, बल्कि हिंसा और दुष्प्रचार का बड़ा षड्यंत्र था।
शेख हसीना दिसंबर तक बांग्लादेश लौटने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि देश वापसी पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है या जेल में डाला जा सकता है। यहां तक कि उनकी हत्या भी हो सकती है। इसके बावजूद वह अपने देशवासियों के बुलावे पर वापस जाना चाहती हैं।
ढाका की अदालत द्वारा सुनाए गए फैसले पर उन्होंने अपनी बात रखी। नवंबर 2025 में मिली सजा को उन्होंने राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया। विरोधियों के दमन और एकतरफा चुनाव के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि इन दावों के पीछे केवल राजनीति से प्रेरित मंशा है।
उन्होंने प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों को भी नकार दिया। भारत में हुए हालिया छात्र प्रदर्शनों पर उन्होंने कोई भी बयान देने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश लौटकर राजनीति करने का उनका मकसद सत्ता नहीं, बल्कि जनसेवा करना है।