Mumbai News: सार्वजनिक क्षेत्र के बड़े बैंक ऑफ बड़ौदा के सिस्टम में एक हैकर ने बड़ी सेंध लगाने का दावा किया है। डार्क वेब पर लगभग 1TB संवेदनशील डेटा मुफ्त में लीक होने की खबर आई है। हालांकि, इस मामले में बैंक या CERT-In की तरफ से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
हैकर द्वारा चुराए गए डेटा में कई संवेदनशील जानकारियां
दावे के अनुसार लीक हुए डेटा में ग्राहकों के नाम, मोबाइल नंबर, खाते की जानकारी और लोन रिकॉर्ड शामिल हैं। इसके अलावा नेट बैंकिंग यूजर डिटेल्स, एनआरआई बैंकिंग, कॉर्पोरेट रिकॉर्ड और एटीएम संचालन से जुड़ी फाइल्स भी इसमें शामिल हैं। हैकर ने अपने इस बड़े दावे को साबित करने के लिए कुछ सैंपल डॉक्यूमेंट्स भी शेयर किए हैं।
कैशलेसकंज्यूमर के संस्थापक श्रीकांत लक्ष्मणन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इन कथित दस्तावेजों के स्क्रीनशॉट पोस्ट किए हैं। उन्होंने बताया कि डेटा से जुड़ा लिंक पूरी तरह एक्टिव था। सुरक्षा विशेषज्ञ ने इस पूरी घटना को एक बड़ा ‘साइबर डिजास्टर’ करार दिया है। हालांकि, बैंक ऑफ बड़ौदा और आरबीआई की आधिकारिक प्रतिक्रिया का अभी इंतजार है।
डार्क वेब पर जुलाई में सामने आया पूरा मामला
इस संभावित डेटा लीक का खुलासा सबसे पहले 25 जुलाई को डार्क वेब ट्रैकिंग वेबसाइट के जरिए हुआ था। इस पूरे हमले की जिम्मेदारी किसी प्रमुख हैकर ग्रुप ने सार्वजनिक रूप से नहीं ली है। हालांकि विशेषज्ञ मान रहे हैं कि इसके पीछे TripleX नाम का एक नया हैकर समूह सक्रिय हो सकता है।
माना जा रहा है कि इस ग्रुप ने कुछ समय पहले इंडोनेशिया के एक सरकारी बैंक से डेटा चुराया था। उसने PT Bank Negara Indonesia से करीब 2TB डेटा चोरी करके सार्वजनिक किया था। फिलहाल भारतीय सुरक्षा एजेंसियां और बैंकिंग एक्सपर्ट्स इस पूरे मामले और इसके असर पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।