ईरान ने अमेरिकी MQ-1 ड्रोन मार गिराने का किया दावा, होर्मुज में तेल टैंकरों पर हमले से तनाव बढ़ा

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Tehran News: ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने केशम द्वीप के ऊपर एक अमेरिकी MQ-1 ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है। दूसरी तरफ होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों पर हुए हमलों और आग लगने की घटनाओं ने समुद्री सुरक्षा पर गंभीर चिंताएं खड़ी कर दी हैं, जिससे पश्चिम एशिया में सैन्य और रणनीतिक तनाव बढ़ गया है।

पश्चिम एशिया में जारी भारी गतिरोध के बीच ईरान ने अमेरिका के खिलाफ अपनी सैन्य गतिविधियों और बयानों को और तेज कर दिया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने अपने नए एयर डिफेंस सिस्टम की मदद से केशम द्वीप के दक्षिणी हवाई क्षेत्र में एक अमेरिकी MQ-1 टोही और लड़ाकू ड्रोन को मार गिराया। सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, IRGC का कहना है कि यह 16वां अमेरिकी MQ-1 ड्रोन है जिसे उसकी रक्षा प्रणालियों ने निशाना बनाया है। हालांकि, इस दावे की अब तक किसी स्वतंत्र स्रोत से पुष्टि नहीं हो सकी है।

इससे पहले भी IRGC ने केशम द्वीप के ऊपर दो अमेरिकी MQM-170 आउटलॉ ड्रोन को रोकने और होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्वी हिस्से में एक MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराने का दावा किया था।

होर्मुज में तेल टैंकरों पर हमले और एक नाविक की मौत

ड्रोन मार गिराए जाने के दावों के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर संकट गहरा गया है। एक ग्रीक कंपनी के तेल टैंकर ‘वेलोसा नीलम’ (Velos Sapphire) के प्रबंधन ने जानकारी दी कि खाड़ी में हुए संदिग्ध मिसाइल हमले के दौरान एक नाविक की जान चली गई। मार्शल आइलैंड्स के ध्वज वाला यह टैंकर खाली स्थिति में बहरीन की ओर बढ़ रहा था। कंपनी के अनुसार, जहाज के पिछले हिस्से पर किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल के टकराने से आग भड़की, हालांकि बाकी चालक दल सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

दूसरी ओर, IRGC ने आरोप लगाया कि दो तेल टैंकर निर्धारित समुद्री नियमों का उल्लंघन करते हुए बिना अनुमति के आगे बढ़ रहे थे। ईरानी अधिकारियों का दावा है कि इन जहाजों ने अपनी पहचान और नेविगेशन उपकरण बंद कर रखे थे और वे अमेरिकी नौसेना के संरक्षण में क्षेत्र से निकलने का प्रयास कर रहे थे। ईरान के अनुसार, समुद्री बारूदी सुरंगों की चपेट में आने से इन जहाजों में आग लगी। स्वतंत्र स्तर पर इन आरोपों की भी जांच बाकी है।

परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिकी धमकियों को बताया बौखलाहट

हवाई और समुद्री टकराव के बीच ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के प्रमुख मोहम्मद इस्लामी ने अमेरिका के कड़े रुख की आलोचना की है। एक अंतरराष्ट्रीय साक्षात्कार में इस्लामी ने कहा कि अमेरिकी नेतृत्व द्वारा ईरान के पर्वतीय परमाणु ठिकाने ‘कुह-ए-कोलांग’ (पिकैक्स माउंटेन) को निशाना बनाने की बात कहना वॉशिंगटन की हताशा को दर्शाता है।

इसके साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के महानिदेशक राफेल ग्रोसी पर भी गंभीर आरोप लगाए। इस्लामी ने कहा कि एजेंसी प्रमुख ईरान की परमाणु जानकारियां विरोधियों के साथ साझा कर रहे हैं, जिससे वैश्विक नियामक संस्थाओं की निष्पक्षता और संयुक्त राष्ट्र की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लग रहा है।

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