Lucknow News: किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में कथित यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग और जबरन धर्मांतरण के मामलों पर एसटीएफ की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। इस संवेदनशील प्रकरण पर कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद की अध्यक्षता में कार्यपरिषद (एग्जीक्यूटिव काउंसिल) की आपात बैठक बुलाई गई। जांच के दायरे में आए संबंधित डॉक्टरों और प्रोफेसरों के प्रशासनिक पद वापस लेने तथा कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने पर विचार किया जा रहा है।
लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में कथित यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग और जबरन धर्म परिवर्तन के गंभीर आरोपों की जांच कर रही स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की रिपोर्ट के बाद संस्थान स्तर पर हलचल तेज हो गई है। एसटीएफ द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट पर विचार करने के लिए विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में एग्जीक्यूटिव काउंसिल की आपात बैठक बुलाई गई। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद ने की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्यपरिषद के सभी 22 सदस्यों को बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए, ताकि रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर तत्काल और सख्त निर्णय लिए जा सकें।
एसटीएफ रिपोर्ट और बैठक का मुख्य एजेंडा
आपात बैठक का मुख्य एजेंडा एसटीएफ की जांच रिपोर्ट में दर्ज तथ्यों और निष्कर्षों पर बिंदुवार विचार करना रहा। सूत्रों के अनुसार, जांच रिपोर्ट में संस्थान से जुड़े कुछ चिकित्सकों और कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। बैठक में दोषियों की पहचान तय कर उनके खिलाफ विभागीय और प्रशासनिक कार्रवाई की रूपरेखा तैयार करने पर मंथन हुआ। इसके साथ ही पूरे प्रकरण की लगातार निगरानी और जांच आगे बढ़ाने के लिए एक विशेष अनुशासनात्मक समिति (Disciplinary Committee) के गठन पर भी विचार किया जा रहा है।
प्रशासनिक पदों से हटाए जाने की संभावना
सूत्रों के मुताबिक, जांच के दायरे में आए कई वरिष्ठ डॉक्टरों और प्रोफेसरों से उनके मौजूदा प्रशासनिक दायित्व तत्काल प्रभाव से वापस लिए जा सकते हैं। संस्थान की साख और संवेदनशील माहौल को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन और शासन स्तर से संकेत मिले हैं कि आरोपों की गंभीरता के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
प्रशासनिक भवन में आयोजित इस बैठक पर पूरे विश्वविद्यालय परिसर की नजरें टिकी हैं। एग्जीक्यूटिव काउंसिल की इस बैठक के बाद विस्तृत आधिकारिक आदेश और अनुशासनात्मक फैसलों की औपचारिक घोषणा की प्रतीक्षा की जा रही है।