Haryana News: दीवाली पर्व पर पटाखों और दुर्घटनाओं के कारण होने वाले हादसों से निपटने के लिए जिले के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा के अनुसार, आपातकालीन परिस्थितियों के लिए 20 से अधिक बेड आरक्षित रहेंगे। बर्न किट, जीवनरक्षक दवाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित की गई है।
दीवाली के त्योहार के दौरान आतिशबाजी और अन्य दुर्घटनाओं से होने वाले हादसों को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। पटाखों से जलने, आंखों में चोट लगने और सांस संबंधी तकलीफों के मामलों में संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए जिले के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था सुदृढ़ करने के आदेश दिए गए हैं।
उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से इस संबंध में विशेष एडवाइजरी जारी की गई है, जिसके तहत स्वास्थ्य विभाग को हर स्थिति से निपटने के लिए पुख्ता प्रबंध करने को कहा गया है।
बर्न वार्ड और जीवनरक्षक दवाओं के पुख्ता प्रबंध
प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के तहत सभी सरकारी व निजी अस्पतालों को अलग से बर्न वार्ड तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। आपातकालीन केंद्रों में ब्रोंकोडायलेटर्स, ऑक्सीजन सिलेंडर और बर्न ट्रीटमेंट किट सहित सभी जरूरी दवाओं व जीवनरक्षक उपकरणों का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया जाएगा। आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए सरकारी अस्पतालों में 20 से अधिक बेड विशेष रूप से आरक्षित रखे जाएंगे। इसके अलावा मरीजों की त्वरित देखभाल के लिए पर्याप्त संख्या में स्ट्रेचर, बेड, आईवी स्टैंड, आईवी सोल्यूशन और एंटीबायोटिक्स की उपलब्धता अनिवार्य की गई है।
नेत्र, सर्जरी और आर्थोपेडिक विभागों में आरक्षित रहेंगे बेड
दीवाली के दौरान सामान्य दिनों के मुकाबले सड़क दुर्घटनाओं, झुलसने और आंखों में बारूद जाने से लगने वाली चोटों के मामले बढ़ जाते हैं। इसे देखते हुए मुख्य इमरजेंसी विभाग के अलावा नेत्र रोग, आर्थोपेडिक (हड्डी रोग) और जनरल सर्जरी विभागों में भी विशेष बेड आरक्षित रहेंगे। गंभीर मरीजों को त्वरित और उच्च स्तरीय उपचार देने के लिए ट्रॉमा सेंटर और आईसीयू में भी अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की जाएगी।
चिकित्सा कर्मियों की मौजूदगी अनिवार्य, ऑन-कॉल रहेंगे विशेषज्ञ
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए सरकारी और निजी क्षेत्र के सभी चिकित्सा विशेषज्ञों को ड्यूटी पर तैनात रहने को कहा गया है। दीवाली पर्व के दौरान चिकित्सा कर्मियों और विशेषज्ञों को शहर से बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी। अस्पतालों में नेत्र रोग और ईएनटी (नाक, कान, गला) विशेषज्ञों की टीमें लगातार उपलब्ध रहेंगी, जबकि अन्य संबंधित विशेषज्ञों को अलर्ट मोड पर रखते हुए ऑन-कॉल ड्यूटी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को तुरंत उपचार मिल सके।