Sirmour News: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले की खूबसूरत वादियों में स्थित श्री रेणुका जी मिनी चिड़ियाघर में पर्यटकों के लिए रोमांच का नया दौर शुरू हो गया है। महाराष्ट्र के नागपुर स्थित गोरेवाड़ा चिड़ियाघर से लाई गई रॉयल बंगाल टाइगर की शाही जोड़ी मंगलवार से पर्यटकों के दीदार के लिए उपलब्ध होगी। इस जोड़ी का नाम ‘बाजीराव’ और ‘मस्तानी’ रखा गया है, जो अब यहां आने वाले पर्यटकों के मुख्य आकर्षण का केंद्र बनेगी।
क्या है टाइगर जोड़ी की खासियत और क्वारंटाइन प्रक्रिया?
महाराष्ट्र के नागपुर से लाई गई इस विशेष जोड़ी में लगभग पांच वर्ष का नर टाइगर और तीन वर्ष की मादा टाइगर शामिल हैं। दोनों बाघों को रेणुका जी के स्थानीय वातावरण के अनुकूल ढालने के लिए वन्यजीव विभाग की कड़ी निगरानी में निर्धारित क्वारंटाइन प्रक्रिया से गुजारा गया था। यह जोड़ी पिछले महीने 22 सितंबर 2026 को श्री रेणुका जी मिनी चिड़ियाघर पहुंची थी, जहां स्वास्थ्य परीक्षण और नए माहौल में ढलने के सभी प्रोटोकॉल सफलतापूर्वक पूरे किए गए।
टाइगर एन्क्लोजर और उपचार केंद्र का होगा शुभारंभ
श्री रेणुका जी के कुब्जा पैवेलियन में मंगलवार, 3 नवंबर को दोपहर 2 बजे नवनिर्मित टाइगर एन्क्लोजर और वन्यजीव उपचार केंद्र का आधिकारिक उद्घाटन किया जाएगा। रेणुका जी के विधायक एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार इस नई सुविधा का भव्य शुभारंभ करेंगे। वन्यजीव विभाग द्वारा टाइगर को सुरक्षित, खुला और पूरी तरह अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए विशेष रूप से आधुनिक एन्क्लोजर तैयार किया गया है।
वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
श्री रेणुका जी मिनी चिड़ियाघर में रॉयल बंगाल टाइगर की इस जोड़ी का आगमन केवल एक नया आकर्षण जुड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है। अब पर्यटकों को प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ जंगल के सबसे शक्तिशाली और आकर्षक वन्यजीवों में शुमार रॉयल बंगाल टाइगर को नजदीक से देखने का सुनहरा अवसर मिलेगा।