जोहो के संस्थापक श्रीधर वेंबू तमिलनाडु में RSS के पथ संचलन में हुए शामिल, राष्ट्र निर्माण पर रखा पक्ष

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Tenkasi News: टेक दिग्गज कंपनी जोहो (Zoho) के संस्थापक और मुख्य वैज्ञानिक श्रीधर वेंबू तमिलनाडु के तेनकासी जिले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पथ संचलन में शामिल हुए हैं। 1 नवंबर को आयोजित इस कार्यक्रम में भाग लेते हुए उन्होंने आत्मनिर्भरता, राष्ट्रवाद और देश के विकास में स्वयंसेवकों के योगदान पर अपने विचार रखे।

सॉफ्टवेयर कंपनी जोहो (Zoho) के संस्थापक और मुख्य वैज्ञानिक श्रीधर वेंबू एक बार फिर सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में हैं। इस बार चर्चा का कारण कोई व्यावसायिक निर्णय या तकनीकी नवाचार नहीं, बल्कि तमिलनाडु के तेनकासी जिले के शंकरनकोविल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पथ संचलन में उनकी प्रत्यक्ष भागीदारी है। 1 नवंबर को आयोजित इस रूट मार्च में उन्होंने न केवल हिस्सा लिया, बल्कि सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्र निर्माण के मुद्दों पर अपनी बात भी रखी।

विजयादशमी समारोह के तहत आयोजित हुआ था पथ संचलन

यह पथ संचलन RSS के वार्षिक विजयादशमी उत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा था। संगठन की ओर से तमिलनाडु भर में 100 से अधिक स्थानों पर मार्च निकाले गए थे, जिसका दूसरा और अंतिम चरण 1 नवंबर को संपन्न हुआ। इससे पूर्व 25 अक्टूबर को पहले चरण का आयोजन किया गया था।

बीजेपी के तेनकासी जिला अध्यक्ष और उद्यमी अनंतन अय्यासामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर वेंबू के मार्च में शामिल होने की तस्वीरें साझा कीं। अय्यासामी के अनुसार, वेंबू पूर्व में तेनकासी शहर के मार्च में शामिल होना चाहते थे, किंतु यात्रा पर होने के कारण संभव नहीं हो सका। यात्रा से लौटने के बाद उन्होंने शंकरनकोविल के कार्यक्रम में सहभागिता की।

आत्मनिर्भरता और राहत कार्यों में स्वयंसेवकों की भूमिका को सराहा

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए श्रीधर वेंबू ने आत्मनिर्भर भारत, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और देश के समग्र विकास में संगठन के योगदान पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने दिसंबर 2023 में तमिलनाडु के तूतीकोरिन और तिरुनेलवेली जिलों में आई विनाशकारी बाढ़ के दौरान सेवा भारती और स्वयंसेवकों द्वारा किए गए राहत व बचाव कार्यों का विशेष रूप से उल्लेख किया। वेंबू ने स्थानीय युवाओं से आह्वान किया कि वे सक्रिय रूप से आगे आकर राष्ट्र निर्माण और सामाजिक उत्थान के कार्यों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

स्थानीय सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों से जुड़ाव

अय्यासामी के मुताबिक, श्रीधर वेंबू तेनकासी क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर आयोजित होने वाले सामाजिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों से लगातार जुड़े रहते हैं। वह भारतीय संस्कृति और परंपराओं से संबंधित सप्ताहांत कक्षाओं व सत्रों को भी सहयोग प्रदान करते रहे हैं। इसके अलावा वे संगठन के वरिष्ठ प्रतिनिधियों से संवाद और शिविरों में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुके हैं।

गौरतलब है कि वेंबू पूर्व में भी अपने वैचारिक सफर को लेकर खुलकर लिख चुके हैं। उन्होंने जुलाई माह में साझा किया था कि विद्यालय के दिनों में एक शिक्षक के प्रभाव में आकर वह 14 वर्ष की आयु में मार्क्सवादी और नास्तिक बन गए थे, हालांकि बाद के वर्षों में उनका यह वैचारिक झुकाव समाप्त हो गया था।

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