हरियाणा की सभी 20 जेलों में गठित हुए विजिटर बोर्ड: सेशन जज करेंगे निगरानी, विधायकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को मिली जगह

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Haryana News: हरियाणा सरकार ने प्रदेश की सभी 20 जेलों में कैदियों के अधिकारों और सुविधाओं की निगरानी के लिए जिला स्तरीय विजिटर बोर्ड गठित किए हैं। संबंधित जिले के जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अध्यक्षता में बने इन बोर्डों में प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा तीन विधायक और दो सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल किए गए हैं।

हरियाणा सरकार ने प्रदेश की जेलों में बंद कैदियों के बुनियादी अधिकारों के संरक्षण और व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी के लिए नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत राज्य की सभी 20 जेलों के लिए जिला स्तर पर विजिटर बोर्ड गठित किए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों और मॉडल प्रिजन मैनुअल-2016 के प्रावधानों के अनुरूप उठाए गए इस कदम का उद्देश्य जेल प्रशासन के कामकाज में पारदर्शिता लाना और कैदियों को मानवीय सुविधाएं सुनिश्चित करना है।

इन नवगठित बोर्डों की कमान संबंधित जिले के जिला एवं सत्र न्यायाधीश को सौंपी गई है। जेलों की निगरानी व्यवस्था को बहुआयामी बनाने के लिए इसमें न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, राज्य मानवाधिकार आयोग के प्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी शामिल किया गया है। महिला कैदियों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक बोर्ड में एक महिला विधायक और एक महिला सामाजिक कार्यकर्ता की भागीदारी अनिवार्य की गई है।

प्रशासनिक, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के अधिकारी बने सदस्य

विजिटर बोर्ड में जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक या पुलिस उपायुक्त और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को शामिल किया गया है। इसके अलावा जिला स्तर पर कैदियों के पुनर्वास, शिक्षा और बुनियादी ढांचे की समीक्षा के लिए जिला रोजगार अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी, उद्योग अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, कृषि अथवा बागवानी अधिकारी तथा पीडब्ल्यूडी (बीएंडआर) व जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंताओं को सदस्य बनाया गया है।

तीन विधायक और 40 गैर-सरकारी सदस्य नामित

बोर्ड में हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष की ओर से नामित तीन विधायकों को स्थान दिया गया है, जिनमें कम से कम एक महिला विधायक का होना अनिवार्य है। साथ ही हरियाणा मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष द्वारा नामित प्रतिनिधि को भी जिम्मेदारी दी गई है। सामाजिक सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रदेशभर में कुल 40 गैर-सरकारी विजिटर नामित किए गए हैं, जिनमें प्रत्येक जिले से दो सामाजिक कार्यकर्ता (एक महिला अनिवार्य) शामिल हैं। इन गैर-सरकारी सदस्यों का कार्यकाल दो वर्ष का होगा और यह पद मानद आधार पर रहेगा।

हर तीन महीने में जेल का निरीक्षण होगा अनिवार्य

विजिटर बोर्ड के सदस्यों के लिए संबंधित जेल का प्रत्येक तीन महीने में कम से कम एक बार नियमित निरीक्षण करना अनिवार्य किया गया है। निरीक्षण के दौरान कैदियों को मिलने वाले भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं, कानूनी सहायता और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया जाएगा। निरीक्षण के लिए अध्यक्ष सहित न्यूनतम तीन सदस्यों का कोरम तय किया गया है।

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