Rohtak News: रोहतक रोडवेज डिपो के कर्मचारियों ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि मुख्यालय स्तर पर लंबित मांगें पूरी नहीं की गईं, तो 5 और 6 नवंबर को पूरे प्रदेश में बसों का चक्का जाम किया जाएगा। हिसार और सिरसा डिपो की हड़ताल के समर्थन में कर्मचारियों ने एक घंटे का प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
हरियाणा रोडवेज के रोहतक डिपो के कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए समय रहते मुख्यालय स्तर की मांगें पूरी करने की चेतावनी दी है। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने लंबित मामलों का समाधान नहीं किया, तो आगामी 5 और 6 नवंबर को पूरे हरियाणा में सरकारी बसों का पूर्ण चक्का जाम रहेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। इस चेतावनी के तहत रोहतक डिपो के कर्मचारियों ने हिसार और सिरसा डिपो के हड़ताली कर्मचारियों के समर्थन में एक घंटे का सांकेतिक प्रदर्शन किया।
संयुक्त मोर्चा के कर्मचारी नेता जोगेंद्र ढुल और सुरेश नेहरा ने आरोप लगाया कि सरकार रोडवेज कर्मचारियों की जायज मांगों पर बार-बार वादे करके मुकर जाती है, जिसके कारण कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होना पड़ता है। उन्होंने बताया कि हिसार और सिरसा डिपो में पिछले लगभग दो वर्षों से एलटीसी (LTC), रात्रि भत्ता और मेडिकल बिलों के भुगतान सहित कई अन्य प्रशासनिक मांगें मुख्यालय स्तर पर लंबित हैं।
हिसार और सिरसा में गतिरोध, वार्ता की अपील
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों द्वारा बार-बार आग्रह किए जाने के बावजूद सरकार स्तर पर कोई ठोस सुनवाई नहीं हो रही है। इसी अनदेखी के चलते हिसार और सिरसा डिपो के कर्मचारियों को पूर्ण चक्का जाम करने के लिए विवश होना पड़ा है। कर्मचारी प्रतिनिधियों का कहना है कि प्रदेश के लगभग हर डिपो में मुख्यालय स्तर की समस्याएं लंबे समय से अटकी हुई हैं।
मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री से हस्तक्षेप की मांग
संयुक्त मोर्चा ने मुख्यमंत्री और राज्य के परिवहन मंत्री से मांग की है कि वे इस मामले में सीधे हस्तक्षेप करें और कर्मचारी नेताओं के साथ वार्ता कर सभी लंबित मांगों का शीघ्र निपटारा करें। नेताओं ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते सकारात्मक रुख नहीं अपनाया, तो 5 और 6 नवंबर को प्रदेशभर में बसों के पहिये पूरी तरह थम जाएंगे और किसी भी असुविधा के लिए शासन जिम्मेदार होगा।