Lucknow News: कोडीनयुक्त कफ सीरप के अवैध सिंडिकेट की कड़ियां जोड़ने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने लखनऊ की अदालत में आरोपी भूपेंद्र सिंह चौहान की 10 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड मांगी है। अदालत द्वारा इस अर्जी पर सोमवार या मंगलवार को सुनवाई कर रिमांड अवधि तय की जाएगी।Lucknow News: कोडीनयुक्त कफ सीरप के अवैध सिंडिकेट की कड़ियां जोड़ने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने लखनऊ की अदालत में आरोपी भूपेंद्र सिंह चौहान की 10 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड मांगी है। अदालत द्वारा इस अर्जी पर सोमवार या मंगलवार को सुनवाई कर रिमांड अवधि तय की जाएगी।
कोडीनयुक्त कफ सीरप के अवैध कारोबार के नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने अपनी जांच तेज कर दी है। इसी क्रम में एजेंसी ने मुख्य आरोपित भूपेंद्र सिंह चौहान को हिरासत में लेकर पूछताछ करने के उद्देश्य से लखनऊ की अदालत में अर्जी दाखिल कर 10 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड की मांग की है।
अदालत में इस रिमांड याचिका पर सोमवार या मंगलवार को सुनवाई होगी, जिसके बाद यह तय होगा कि एसटीएफ को पूछताछ के लिए कितने दिन की कस्टडी रिमांड मिलती है।
नेटवर्क और प्रमुख कड़ियों की तलाश
एसटीएफ की पूछताछ का मुख्य उद्देश्य अवैध कारोबार में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका स्पष्ट करना है। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि भूपेंद्र से पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े अमित गुप्ता और आसिफ के नेटवर्क को लेकर अहम सुराग हाथ लगेंगे। इसके अलावा कफ सीरप की अवैध खरीद-बिक्री, परिवहन, आपूर्ति और प्रदेश भर में फैले वितरण नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जाएगी।
फर्जी फर्मों और वित्तीय लेनदेन की जांच
जांच एजेंसी इस सिंडिकेट द्वारा इस्तेमाल की जा रही विभिन्न संदिग्ध फर्मों और उनके माध्यम से किए गए वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रही है। भूपेंद्र से पूछताछ कर यह पता लगाया जाएगा कि इस कारोबार में कौन-कौन शामिल था, उनके आपसी संपर्क का माध्यम क्या था और सीरप की खेप पहुंचाने में किसकी क्या भूमिका थी।
पूछताछ में मिलने वाले इनपुट और तथ्यों का अन्य सह-आरोपियों के बयानों और पहले से जुटाए गए दस्तावेजी साक्ष्यों से मिलान कराया जाएगा, ताकि पूरे सिंडिकेट पर शिकंजा कसा जा सके।