New Delhi News: प्रधानमंत्री आवास (7 लोक कल्याण मार्ग) के निकट स्थित ऐतिहासिक ‘रेस कोर्स मस्जिद’ को भूमि और विकास कार्यालय द्वारा परिसर खाली करने का 6 दिन का नोटिस जारी किया गया है। इस नोटिस से मस्जिद के साथ पास की झुग्गी बस्ती भी प्रभावित हो रही है। राजनीतिक दलों और धार्मिक नेताओं ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है, वहीं जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने मामले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती देने का निर्णय लिया है।
नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री आवास (7 लोक कल्याण मार्ग) के समीप स्थित ऐतिहासिक ‘रेस कोर्स मस्जिद’ को लेकर विवाद गहरा गया है। भूमि एवं विकास कार्यालय (L&DO) द्वारा जारी बेदखली नोटिस में छह दिनों के भीतर परिसर खाली करने का निर्देश दिया गया है। मुख्य विवाद उस भूमि को लेकर है जिस पर यह मस्जिद स्थित है। जारी किए गए आदेश का दायरा केवल मस्जिद तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पास बसी झुग्गी बस्ती भी इसकी जद में आ रही है।
राजनीतिक और धार्मिक नेताओं ने जताई चिंता
इस बेदखली नोटिस को लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी, आम आदमी पार्टी के नेता अमानतुल्लाह खान और कश्मीर के मुख्य धर्मगुरु मीरवाइज उमर फारूक ने गहरी चिंता व्यक्त की है।
असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब 1977 से ही यह मस्जिद गजट अधिसूचित वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज है, तो दिल्ली वक्फ बोर्ड ने इस आदेश को कानूनी रूप से चुनौती क्यों नहीं दी। ओवैसी ने यह भी रेखांकित किया कि वर्ष 2023 से दिल्ली वक्फ बोर्ड का औपचारिक गठन नहीं हुआ है, हालांकि बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के पास इस मामले में विधिक हस्तक्षेप करने का अधिकार था।
मीरवाइज उमर फारूक ने छह दिन की संक्षिप्त समय-सीमा पर आपत्ति जताते हुए इसे बेहद चिंताजनक करार दिया। उन्होंने वक्फ संपत्तियों के संरक्षण को लेकर सवाल उठाए और इसे मुस्लिम धार्मिक संपत्तियों पर सरकारी नियंत्रण से जुड़े व्यापक विमर्श से जोड़ा।
ऐतिहासिक धरोहर होने का दावा
दिल्ली वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष अमानतुल्लाह खान ने भी इस प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह मस्जिद स्वतंत्रता पूर्व की है और नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) की अधिसूचित हेरिटेज सूची में भी शामिल है। उन्होंने स्थिति की समीक्षा के लिए स्वयं मौके का मुआयना करने की बात कही है।
दिल्ली हाईकोर्ट का रुख करेगी जमीयत
जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने स्पष्ट किया है कि मस्जिद खाली कराने के इस नोटिस के विरुद्ध दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की जाएगी। इससे पूर्व भी इस मामले को विधिक रूप से उठाने का प्रयास हुआ था, जिसे याचिकाकर्ता के अधिकार क्षेत्र (लॉ standi) के तकनीकी आधार पर अदालत ने खारिज कर दिया था। जानकारी के अनुसार, इस बार AIMIM दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. शोएब जमाई मस्जिद प्रबंधन समिति की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सकते हैं।
