मंगल के चंद्रमा फोबोस से मिट्टी लाएगा जापान, जाक्सा का महत्वाकांक्षी एमएमएक्स स्पेस मिशन तैयार

Share

- Advertisement -

Tokyo News: जापानी अंतरिक्ष एजेंसी जाक्सा मंगल ग्रह के चंद्रमा फोबोस से मिट्टी लाने की तैयारी में है। इस ऐतिहासिक मिशन का नाम मार्टियन मून्स एक्सप्लोरेशन रखा गया है। यह दुनिया का पहला ऐसा अभियान होगा, जो मंगल के चंद्रमा से सीधे सैंपल धरती पर सुरक्षित वापस लाएगा।

जापानी एजेंसी इस मिशन को अपने नए एच-3 रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष में रवाना करेगी। स्पेसक्राफ्ट के अगस्त 2027 तक मंगल के orbit में पहुंचने की उम्मीद है। पांच टन वजनी यह यान तीन साल तक फोबोस का अध्ययन करेगा और दो बार लैंडिंग कर वहां से नमूने जुटाएगा।

साल 2031 में धरती पर लौटेगा कैप्सूल

रिसर्च पूरी करने के बाद केवल रिटर्न मॉड्यूल ही धरती की ओर रवाना होगा। नमूनों से भरा हीट-प्रोटेक्टेड कैप्सूल 2031 में ऑस्ट्रेलिया की धरती पर उतरेगा, जिसे बाद में जांच के लिए जापान भेजा जाएगा। वैज्ञानिक यह पता लगाएंगे कि ये चंद्रमा किसी टक्कर से बने या अंतरिक्ष में भटके एस्टेरॉयड हैं।

इस स्पेसक्राफ्ट में कुल 13 आधुनिक वैज्ञानिक उपकरण लगाए गए हैं। इसमें फ्रेंच और जर्मन तकनीक से बना आइडिफिक्स रोवर शामिल है। इसके अलावा नासा का सैंपलिंग टूल, यूरोपियन एजेंसी का संचार सिस्टम और जापानी रेडिएशन मॉनिटर भी इस खास मिशन का हिस्सा बनाए गए हैं ताकि सटीक डेटा मिले।

कम गुरुत्वाकर्षण में नमूने जुटाना बड़ी चुनौती

आइडिफिक्स रोवर वर्ष 2029 में सतह पर उतरकर करीब 100 दिनों तक सर्वेक्षण करेगा। इसका मुख्य काम सैंपल लेने के लिए सुरक्षित जगह तलाशना है। वैज्ञानिकों का लक्ष्य सतह के दो सेंटीमीटर नीचे से दस ग्राम मिट्टी जुटाना है, जिससे मंगल पर प्राचीन जीवन के सबूतों की खोज हो सके।

फोबोस पर गुरुत्वाकर्षण बल धरती के मुकाबले दो-हजारवां हिस्सा ही है। इतने कम गुरुत्वाकर्षण में स्पेसक्राफ्ट को उतारना और नमूने एकत्र करना वैज्ञानिकों के लिए बेहद कठिन काम है। इसके साथ ही यह स्पेसक्राफ्ट मंगल के दूसरे रहस्यमयी चंद्रमा डीमोस के करीब से गुजरकर अहम डेटा जुटाएगा।

Desh Raj
Desh Raj
Please wait....

Read more

Related News