Technology News: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से बढ़ते दायरे के बीच अब साइबर सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं सामने आने लगी हैं। एआई रिसर्च कंपनी एंथ्रोपिक ने चेतावनी दी है कि छोटे एआई मॉडल जल्द ही खुद को फैलाने वाले एआई वर्म चलाने में सक्षम हो सकते हैं। यह तकनीक बिना इंसानी मदद के डिवाइसों में फैल सकती है।
पारंपरिक मैलवेयर से कहीं अधिक खतरनाक हैं एआई वर्म
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस वर्म एक ऐसा मैलवेयर है जो खुद अपनी प्रतियां तैयार कर अन्य सिस्टम्स में फैल सकता है। पारंपरिक कंप्यूटर वर्म के मुकाबले इसमें एआई मॉडल जुड़ा होता है। यह मॉडल सिस्टम की सुरक्षा स्थितियों और डिवाइस के हिसाब से अपने काम करने का तरीका खुद बदल सकता है।
सस्ते स्मार्ट टीवी बॉक्स पर हुआ सफल प्रयोग
एंथ्रोपिक ने करीब 5,000 रुपये के स्मार्ट टीवी बॉक्स को जोड़कर 26 अरब पैरामीटर वाला मॉडल रन किया। बंद नेटवर्क में किए गए इस टेस्ट में मॉडल को छोटे हिस्सों में बांटकर कंप्यूटिंग प्रोसेस पूरा किया गया। हालांकि, पूरी तरह स्वायत्त और घातक वर्म का वास्तविक डिवाइसों पर फैलना अभी साबित नहीं हुआ है।
स्मार्ट टीवी, फ्रिज और सीसीटीवी कैमरे जैसे इंटरनेट से जुड़े घरेलू उपकरण सुरक्षा अपडेट के अभाव में आसान शिकार बन सकते हैं। कई डिवाइस लंबे समय तक पुराने सॉफ्टवेयर पर चलते हैं, जिससे उनकी कमजोरियां बरकरार रहती हैं। यदि हमलावरों ने इन खामियों का फायदा उठाया तो ये उपकरण बड़े साइबर हमलों का जरिया बन सकते हैं।
