Pithoragarh News: सर्दियों का मौसम शुरू होते ही बर्फबारी देखने के शौकीन लोग पहाड़ी राज्यों का रुख करते हैं। अक्सर पर्यटकों की सूची में शिमला, मनाली या गुलमर्ग सबसे ऊपर रहते हैं, लेकिन लगातार भीड़भाड़ से यात्रा का मजा फीका पड़ जाता है। यदि आप इस विंटर सीजन शांत और अनोखी जगहों की तलाश में हैं, तो भारत के कई ऑफबीट विकल्प मौजूद हैं।
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में स्थित चितकुल गांव भारत-तिब्बत सीमा का अंतिम छोर है। लकड़ी के पारंपरिक मकान और कल-कल बहती बस्पा नदी इसे बेहद रमणीय बनाते हैं। वहीं किन्नौर का कल्पा गांव भगवान शिव के शीतकालीन धाम किन्नर कैलाश पर्वत शृंखला के शानदार दृश्यों के लिए प्रसिद्ध है, जहां सर्दियों में अद्वितीय शांति और प्राकृतिक सुंदरता का अनुभव मिलता है।
उत्तराखंड का कश्मीर मुनस्यारी और पूर्वोत्तर के रहस्यमयी हिल स्टेशन
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में करीब 2,300 मीटर की ऊंचाई पर बसा मुनस्यारी अपने बर्फीले मौसम के चलते राज्य का कश्मीर कहलाता है। यहां से हिमालय की पंचचूली चोटियों का विहंगम दृश्य दिखाई देता है। दूसरी ओर अरुणाचल प्रदेश का तवांग समुद्र तल से 10,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है, जहां भारत का सबसे बड़ा और विश्व का दूसरा बड़ा बौद्ध मठ मौजूद है।
अरुणाचल प्रदेश की मेचुका घाटी मैकमोहन रेखा के करीब बसी एक शांत घाटी है, जहां बर्फ और औषधीय जलधाराएं पर्यटकों को लुभाती हैं। इसके अलावा पूर्वी सिक्किम के पाकयोंग जिले का जुलुक गांव पुराने सिल्क रूट का अहम हिस्सा रहा है। जुलुक की घुमावदार जिगजैग सड़कें और बर्फीली वादियां सर्दियों में सैलानियों को एक बिल्कुल अनूठा और ऐतिहासिक यात्रा अनुभव कराती हैं।
