New Delhi News: भारत के रजिस्ट्रार जनरल मृत्युंजय कुमार नारायण ने देश में जनगणना की तैयारियों को लेकर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष निगरानी केंद्र सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं। इन केंद्रों का मुख्य काम सोशल मीडिया पर लगातार नजर रखना होगा ताकि किसी भी तरह के भ्रामक दावों या गलत जानकारी का तुरंत खंडन किया जा सके।
आरजीआई के अनुसार यदि जनगणना प्रक्रिया को लेकर कोई अफवाह या गलतफहमी सामने आती है, तो अधिकारी फौरन सही जानकारी और फैक्ट चेक जारी करेंगे। इसका उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखना है। जल्द ही विभिन्न राज्यों में जनसंख्या गणना के दूसरे चरण की शुरुआत होने जा रही है।
दो चरणों में संपन्न होगी राष्ट्रीय जनगणना की प्रक्रिया
यह महत्वपूर्ण जनगणना दो अलग-अलग चरणों में आयोजित की जा रही है। पहले चरण में मकानों की सूची और आवास की विस्तृत गणना होगी, जबकि दूसरे चरण में सीधे जनसंख्या की गिनती की जाएगी। अधिकारियों ने सभी राज्यों को पत्र भेजकर दूसरे चरण से पहले व्यापक जागरूकता अभियान चलाने को कहा है।
दूसरे चरण के दौरान प्रगणक घर-घर जाकर नागरिकों से जरूरी ब्योरा जुटाएंगे। इसके साथ ही नागरिकों को डिजिटल सेल्फ-एन्यूमरेशन की नई सुविधा से भी अवगत कराया जाएगा, जिससे लोग स्वयं ऑनलाइन विवरण भर सकेंगे। अभियान के जरिए यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि कर्मचारी नागरिकों से कौन से सवाल पूछेंगे।
गोपनीयता के भरोसे के साथ चलेगा राष्ट्रव्यापी अभियान
अभियान का मुख्य जोर इस बात पर होगा कि जनगणना अधिनियम के तहत नागरिकों का डेटा पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय रहता है। इसके लिए राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर पर अखबारों, टीवी, मोबाइल ऐप और सार्वजनिक परिवहन के माध्यम से प्रचार किया जाएगा। वॉट्सऐप और संदेशों से भी भ्रांतियां दूर की जाएंगी।
