Shimla News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने घोषणा की है कि हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के बेड़े में 1,500 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जाएंगी। इसके साथ ही ऑन-द-स्पॉट चालान भुगतान के लिए ‘चालान 2 पे’ सेवा भी शुरू की गई है।
राज्य में शामिल की जाने वाली इन नई ई-बसों की न्यूनतम ड्राइविंग रेंज 350 किलोमीटर होगी। हिमाचल की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और पहाड़ी रास्तों की जरूरतों को ध्यान में रखकर ही इनकी खरीद की जाएगी। सरकार का यह फैसला राज्य में प्रदूषण घटाने और यात्रियों को सुगम सफर की सुविधा देने के उद्देश्य से लिया गया है।
सड़क पर ही चालान के निपटारे के लिए मुख्यमंत्री ने ‘चालान 2 पे’ पहल का शुभारंभ किया। इस नई व्यवस्था के तहत अब वाहन चालक मौके पर ही डिजिटल माध्यम से सुरक्षित भुगतान कर सकेंगे। इससे लोगों को चालान की राशि जमा करने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की परेशानी से पूरी तरह मुक्ति मिलेगी।
परिवहन विभाग के अधिकारियों को इस नई व्यवस्था के लिए एक्सिस बैंक की ओर से पीओएस (POS) मशीनें दी जा रही हैं। चालान कटते ही तुरंत पॉइंट ऑफ सेल मशीन से डिजिटल पेमेंट किया जा सकेगा। हर ट्रांजेक्शन का ऑनलाइन रिकॉर्ड दर्ज होगा और चालान का सारा पैसा सीधा राज्य सरकार के खजाने में जमा कराया जाएगा।
सरकार के अनुसार इस डिजिटल व्यवस्था से नकद लेनदेन में कमी आएगी और चालान वसूली में पूरी पारदर्शिता बनी रहेगी। इससे राजस्व में होने वाले किसी भी तरह के नुकसान को रोकने में मदद मिलेगी। समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्यभर में ई-चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से विकसित करने के कड़े निर्देश जारी किए।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने ऊना जिले और नालागढ़ स्थित क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय के अंतर्गत आने वाले पूरे रूटों को पूरी तरह इलेक्ट्रिक बसों से चलाने के आदेश दिए हैं। सार्वजनिक परिवहन को पूरी तरह ग्रीन एनर्जी पर शिफ्ट करने के लिए चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क मजबूत किया जा रहा है, ताकि संचालन में कोई बाधा न आए।
निगम के बेड़े में फिलहाल 297 इलेक्ट्रिक बसें पहले से सेवाएं दे रही हैं। एचआरटीसी को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भविष्य में इनकी संख्या और बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा राज्य सरकार 100 ग्रीन हाइड्रोजन बसें और 100 सुपर डीलक्स बसें खरीदने की योजना पर काम कर रही है। हिमाचल में हाइड्रोजन बसें चलाने की संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि एचआरटीसी हिमाचल की जीवन रेखा है, जो दुर्गम इलाकों में भी बेहतरीन सेवाएं दे रही है। उन्होंने बताया कि ई-बसों का संचालन पर्यावरण के साथ निगम की वित्तीय स्थिति के लिए भी फायदेमंद है। इन बसों के चलने से एचआरटीसी को प्रति किलोमीटर 18.19 रुपये की सीधी बचत दर्ज हो रही है।
परिवहन विभाग का राजस्व वर्ष 2021-22 के 510 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में 995 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। मुख्यमंत्री ने विभाग में खाली पड़े पदों को जल्द भरने का आश्वासन दिया है। साथ ही एचआरटीसी अधिकारियों को 30 ई-वाहन मुहैया कराने और पूरे राज्य में चार्जिंग नेटवर्क को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।
