Shimla News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने नियमितीकरण का इंतजार कर रहे हजारों कर्मचारियों को बड़ी राहत प्रदान की है। मार्च और सितंबर के अंतिम दिनों में नियुक्ति पाने वाले कर्मचारियों को अब कटऑफ में 6 महीने का नुकसान नहीं झेलना पड़ेगा। कार्मिक विभाग के सचिव आशीष सिंहमार ने इस संबंध में नए आधिकारिक आदेश जारी किए हैं।
ज्वाइनिंग के बीच का गैप अब माना जाएगा माफ
नए नियमों के तहत मार्च अंत में ऑफर मिलने पर पहली अप्रैल और सितंबर अंत में नियुक्ति पर पहली अक्टूबर को ज्वाइन करने के बीच की अवधि कंडोन यानी माफ मानी जाएगी। यदि कर्मचारी ने तय समयसीमा के भीतर ज्वाइन किया है, तो नियुक्ति प्रस्ताव की तारीख या माह के अंतिम दिन को ही कटऑफ माना जाएगा।
छुट्टी की पुरानी शर्त समाप्त, कंडोनेशन का सीधा नियम लागू
पहले व्यवस्था थी कि यदि ज्वाइनिंग के बीच में सरकारी छुट्टियां आती थीं, तभी यह विशेष छूट दी जाती थी। अब सरकार ने छुट्टी की अनिवार्यता पूरी तरह समाप्त कर दी है। कर्मचारियों को अब सीधे कंडोनेशन की सुविधा मिलेगी, जिससे उन्हें वरिष्ठता और नियमितीकरण सूची में सीधे तौर पर छह माह का लाभ मिल सकेगा।
वित्तीय लाभ वास्तविक ज्वाइनिंग तिथि से ही मिलेंगे
आदेश में साफ किया गया है कि माफ की गई अवधि का कोई अतिरिक्त वित्तीय लाभ नहीं मिलेगा। कर्मचारियों को वेतन और भत्ते वास्तविक ज्वाइनिंग तिथि से ही दिए जाएंगे। यह निर्णय हाईकोर्ट के 22 जुलाई 2025 के फैसले के आधार पर हुआ है। पहले से निपटाए जा चुके मामलों को दोबारा नहीं खोला जाएगा।