Shimla News: हिमाचल प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए मैदानी राज्यों से अलग वित्तीय लाभ तय करने की मांग उठी है। ऑल इंडिया सर्विस एसोसिएशन ने चंडीगढ़ में आठवें केंद्रीय वेतन आयोग की अध्यक्ष जस्टिस रंजना देसाई के समक्ष यह पक्ष रखा।
कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को वेतन निर्धारण का आधार बनाने की मांग
चंडीगढ़ में आयोजित वेतन आयोग की कंसल्टेशन मीटिंग में एसोसिएशन ने कहा कि पहाड़ी राज्य में कर्मचारियों को बर्फीले और बेहद कठिन इलाकों में काम करना पड़ता है। ऐसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सामान्य वेतनमान लागू करना उचित नहीं है। सेवा शर्तों के हिसाब से अतिरिक्त लाभ मिलना चाहिए।
एसोसिएशन ने मांग की कि हिमाचल के कर्मचारियों को दिल्ली जैसे मैदानी इलाकों की तुलना में अधिक वेतन और वित्तीय सुविधाएं मिलनी चाहिए। महंगे रहन-सहन और कठिन आवागमन को ध्यान में रखते हुए महंगाई भत्ते और अन्य भत्तों का नए सिरे से निर्धारण किया जाना जरूरी है।
बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में ग्रामीण विकास सचिव सी पाल रासु, प्रधान मुख्य अरण्यपाल संजीव सूद, विशेष सचिव वित्त विजय वर्धन समेत कई वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारी शामिल रहे। सभी अधिकारियों ने राज्य की विशिष्ट परिस्थितियों को नए वेतन ढांचे में प्राथमिकता देने पर बल दिया।