Shimla News: हिमाचल प्रदेश में सक्रिय मानसून के बीच शिमला, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू और चंबा में भारी बारिश जारी है। मंडी जिले में जालंधर-मंडी-अटारी राष्ट्रीय राजमार्ग तीन स्थानों पर भूस्खलन के कारण बंद हो गया। वहीं मनाली-कीरतपुर फोरलेन और पठानकोट-मंडी एनएच पर लगातार चट्टानें और मलबा गिर रहा है।
ब्यास नदी के उफान को देखते हुए पंडोह बांध से सोमवार रात और मंगलवार सुबह 9000 क्यूसेक अतिरिक्त पानी छोड़ा गया। जोगेंद्रनगर की कुंडुनी पंचायत के ग्रामीणों ने तहसीलदार रजत सेठी से मिलकर कृत्रिम झील का समाधान करने की मांग रखी। कुल्लू में तेज बारिश से ब्यास और पार्वती नदियां उफान पर हैं।
लाहुल में फंसे मासूम को एंबुलेंस कर्मियों ने सुरक्षित निकाला
लाहुल स्पीति में बाढ़ के कारण तांदी-संसारी मार्ग दूसरे दिन भी जाहलमा और कडु नाले के पास बंद रहा। बीआरओ ने लोहे की प्लेटें बिछाकर लोगों को रास्ता पार कराया। इस बीच उदयपुर से रेफर निमोनिया पीड़ित ढाई साल के बच्चे को एंबुलेंस के ईएमटी अनिल सुमती और पायलट शिव प्रकाश ने सुरक्षित नाला पार कराया।
किन्नौर के शलखर में बाढ़ से बंद शिमला-किन्नौर राष्ट्रीय राजमार्ग को 20 घंटे बाद मंगलवार को बहाल कर दिया गया। चंबा जिले में चुवाड़ी से नूरपुर मार्ग टिक्कर घार में पहाड़ी दरकने से पूरी तरह तबाह हो गया है। इसे ठीक होने में एक हफ्ते का समय लगेगा। अब ककीरा-दुनेरा मार्ग ही एकमात्र विकल्प बचा है।
चंबा-भरमौर एनएच पर दुर्गेठी और बत्ती की हट्टी के पास भारी भूस्खलन हुआ, जिसे शाम साढ़े चार बजे खोला जा सका। चंबा-तीसा मार्ग पंगोला नाला और कंदला के पास बंद रहा। वहां मलबे में फंसी एक निजी बस को मशीनों की मदद से सुरक्षित निकाला गया और दोपहर में रास्ता साफ हुआ।
प्रदेश भर में 145 सड़कें बंद और बुनियादी सेवाएं ठप
वर्तमान में प्रदेश भर में 145 बंद सड़कों को दोबारा खोलने का काम तेजी से जारी है। इसके अलावा 508 ठप पड़े बिजली ट्रांसफार्मरों (डीटीआर) को ठीक किया जा रहा है। बारिश और भूस्खलन की वजह से राज्य की 43 पेयजल योजनाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जिससे स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।