Bhagalpur News: जिले में गंगा और सहायक नदियों में आई बाढ़ के बीच राहत कार्यों की समीक्षा करने के लिए जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय सीधे मैदानी स्तर पर उतरीं। उन्होंने सबौर अंचल के फरका पंचायत और शंकरपुर गांव में गाड़ियों का काफिला छोड़कर गंदे पानी में पैदल चलकर जलमग्न इलाकों और विस्थापित परिवारों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने प्रभावित ग्रामीणों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं और इसके बाद संचालित कम्युनिटी किचन का दौरा किया। वहां उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और वितरण व्यवस्था की जांच की। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया कि भोजन स्थलों पर टेबल-कुर्सी और बैठने के उचित प्रबंध किए जाएं।
सामुदायिक रसोई का समय निर्धारित, बुजुर्गों को घर पर भोजन
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सुबह का भोजन 9 से 11 बजे और रात का खाना 7 से 10 बजे तक अनिवार्य रूप से वितरित हो। साथ ही 80 वर्ष से अधिक उम्र के ऐसे असहाय बुजुर्ग, जो केंद्रों तक पहुंचने में असमर्थ हैं, उनके घरों तक भोजन के डिब्बे सुरक्षित पहुंचाने का सख्त आदेश अंचल अधिकारी को दिया।
राहत सामग्री और स्वास्थ्य सुरक्षा के पुख्ता निर्देश
विस्थापित परिवारों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पर्याप्त मात्रा में पॉलिथीन शीट वितरित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही बाढ़ शिविरों में नियमित मेडिकल जांच, स्वच्छ पेयजल और ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव की निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि संक्रामक बीमारियों के प्रसार को समय रहते रोका जा सके।
डीएम ने राहत कार्यों को मानवीय दायित्व बताते हुए मातहत अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता से कार्य करने की नसीहत दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि संकट के इस दौर में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर जरूरतमंद तक प्रशासनिक मदद हर हाल में बिना किसी देरी के पहुंचनी चाहिए।