अमेरिकी नौसेना का विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन 286 दिनों के लंबे मिशन के बाद थाईलैंड पहुंचा

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Laem Chabang News: अमेरिकी नौसेना का परमाणु संचालित विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन लंबे समुद्री अभियान के बाद थाईलैंड के लाएम चाबांग बंदरगाह पहुंच गया है। पोत पर जंग और फीके पेंट के निशान साफ नजर आ रहे हैं। यह आधुनिक काल में अमेरिकी युद्धपोतों के सबसे लंबे मिशनों में से एक रहा है।

पोत 21 नवंबर 2025 को सैन डिएगो से रवाना हुआ था और लगातार 286 दिनों तक समुद्र में तैनात रहा। इस दौरान पोत ने मध्य पूर्व में कई महत्वपूर्ण रणनीतिक अभियानों और नौसैनिक मिशनों में प्रमुख भूमिका निभाई। यूएसएस जॉर्ज वाशिंगटन द्वारा जिम्मेदारी संभालने के बाद इसे वापसी की अनुमति मिली।

नाविकों और मरीन के लिए आराम का मौका

विशालकाय युद्धपोत पर करीब 5,000 नाविक और मरीन तैनात हैं। थाईलैंड में चार से पांच दिनों के ठहराव के दौरान चालक दल को आराम और रिकवरी का अवसर मिलेगा। रियर एडमिरल रॉबर्ट लौघ्रान ने इसे ऐतिहासिक मिशन के बाद ऊर्जा जुटाने और आराम करने का बेहद जरूरी मौका करार दिया है।

सामान्य तौर पर अमेरिकी नौसेना के मिशन 6 से 9 महीने तक चलते हैं, लेकिन विशेष परिस्थितियों में यह अवधि बढ़ जाती है। लिंकन के साथ आए विध्वंसक यूएसएस फ्रैंक ई. पीटरसन जूनियर और क्रूजर यूएसएस रॉबर्ट स्मॉल्स पर भी लगातार खारे पानी में रहने के कारण जंग के निशान देखे गए हैं।

विशेषज्ञों ने रखरखाव को बताया जरूरी कदम

पूर्व नौसेना कप्तान कार्ल शुस्टर के अनुसार, इतने लंबे समुद्री प्रवास के बाद पानी की सतह के पास जंग लगना एक सामान्य प्रक्रिया है। सक्रिय मिशन के दौरान समुद्र में नियमित मेंटेनेंस संभव नहीं होता है। हालांकि इससे युद्धक क्षमता प्रभावित नहीं होती, लेकिन बंदरगाह पर विशेष तकनीकी मरम्मत की आवश्यकता जरूर बढ़ जाती है।

थाईलैंड प्रवास के दौरान किसी भी तरह का संयुक्त सैन्य अभ्यास नहीं किया जाएगा। चालक दल के सदस्य आराम के लिए नजदीकी तटीय शहर पटाया का रुख कर रहे हैं। वर्ष 1954 से अमेरिका का संधि सहयोगी होने के नाते थाईलैंड में अमेरिकी नौसैनिक जहाजों का नियमित आवागमन बना रहता है।

Desh Raj
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