New Delhi News: भारतीय वायु सेना के जांबाज अधिकारी ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान (रिटायर्ड) अब नागरिक उड्डयन क्षेत्र में शामिल हो गए हैं। वायु सेना में शानदार सेवा देने के बाद वे एक निजी एयरलाइन में कमर्शियल पायलट के रूप में नई पारी शुरू कर रहे हैं। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने उनके इस नए सफर का स्वागत किया है।
केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर कहा कि भारत के आसमान की सुरक्षा से लेकर अब लोगों को जोड़ने तक का यह सफर एक नया अध्याय है। बालाकोट ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान के उन्नत एफ-16 विमान को मार गिराने वाले इस फाइटर पायलट के नए कदम की हर तरफ सराहना की जा रही है।
हवाई जंग में मार गिराया था पाकिस्तानी एफ-16
घटना 27 फरवरी 2019 की है, जब पाकिस्तानी वायु सेना के लड़ाकू विमानों का बड़ा दस्ता एलओसी की तरफ बढ़ा था। विंग कमांडर के पद पर तैनात अभिनंदन को इस दस्ते को रोकने का जिम्मा मिला। उन्होंने अपने रडार से दुश्मन के उस लड़ाकू विमान को खोज निकाला, जो भारतीय विमानों पर अचानक हमला करने की फिराक में था।
वीर चक्र प्रशस्ति पत्र के अनुसार, उन्होंने तुरंत अपने साथी पायलटों को सचेत किया और विंगमैन के साथ मिलकर आक्रामक रुख अपनाया। इस साहसी कदम से दुश्मन के खेमे में अफरातफरी मच गई और वे हथियार गिराए बिना पीछे हटने लगे। इसके बाद उन्होंने पीछे हटते लड़ाकू विमान का पीछा किया और उसे मार गिराया।
असाधारण साहस के लिए मिला था वीर चक्र
हवाई संघर्ष के दौरान एक मिसाइल उनके विमान से टकरा गई, जिससे उन्हें दुश्मन के इलाके में उतरना पड़ा। बंदी बनाए जाने के बाद भी उन्होंने गजब का साहस, गरिमा और दृढ़ संकल्प दिखाया। अंततः 1 मार्च 2019 को उनकी सुरक्षित वतन वापसी हुई। उनके इस अदम्य साहस से पूरे देश का मनोबल ऊंचा हुआ।
देश सेवा में व्यक्तिगत सुरक्षा की परवाह न करते हुए दिखाए गए इस असाधारण पराक्रम के लिए उन्हें 2019 में ‘वीर चक्र’ से नवाजा गया था। यह युद्धकाल में दिया जाने वाला भारत का तीसरा सबसे बड़ा सैन्य सम्मान है। अब वे देश के नागरिक उड्डयन क्षेत्र में अपनी सेवाएं देकर यात्रियों को सुरक्षित उड़ान का अनुभव कराएंगे।