Shanghai News: चीन की आधुनिक तकनीकी व्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर प्राकृतिक आपदा के आगे लाचार नजर आ रहे हैं। शक्तिशाली समुद्री तूफान ‘टाइफून डॉल्फिन’ ने पूर्वी चीन में भारी तबाही मचाई है। इस आपदा का सबसे भयानक रूप शंघाई में देखने को मिला, जहां रिकॉर्ड बारिश ने सड़कों को नदियों में तब्दील कर दिया।
टाइफून डॉल्फिन ने झेजियांग प्रांत के युहुआन में 151 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दस्तक दी। हालांकि, तट से टकराने के बाद तूफान थोड़ा कमजोर पड़ा, लेकिन शंघाई में बीते 24 घंटे के दौरान लगभग 220 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यह आंकड़े पिछले करीब डेढ़ सौ वर्षों में सबसे ज्यादा बताए जा रहे हैं।
शंघाई बना ‘वेनिस’, जनजीवन ठप
लगातार मूसलाधार बारिश के चलते शंघाई का मंजर किसी ‘वेनिस’ जैसा हो गया है। घनी आबादी वाले इस महानगर में पक्के निर्माण और कंक्रीट की अधिकता के कारण पानी की निकासी तेजी से नहीं हो सकी। इस वजह से शहर के निचले इलाकों, मुख्य रास्तों और आवासीय कॉलोनियों में कई फीट पानी जमा हो गया है।
हालात बिगड़ने पर बड़े पैमाने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। रविवार शाम तक शंघाई से 2.15 लाख से अधिक, झेजियांग प्रांत से 9 लाख से ज्यादा और फुजियान से करीब 99 हजार नागरिकों को निकाला गया। पूर्वी चीन के प्रभावित इलाकों से कुल मिलाकर 10 लाख से अधिक लोगों का रेस्क्यू किया गया है।
परिवहन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित
तूफान और जलभराव का व्यापक असर चीन के पूरे परिवहन तंत्र पर देखने को मिला है। शंघाई के दोनों अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों से 1,300 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गईं। इसके अलावा बंदरगाहों पर कामकाज ठप हो गया है, जबकि रेलवे ट्रैक पर पानी भरने से ट्रेन सेवाएं और सड़क यातायात बुरी तरह बाधित हुआ है।
मौसम विभाग ने चेताया है कि शंघाई, झेजियांग और जियांग्सू इलाकों में आने वाले दिनों में और अधिक बारिश हो सकती है। इससे बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बना रहेगा। बता दें कि चीन पहुंचने से पहले इस तूफान ने जापान के ओकिनावा में भी भारी तबाही मचाई थी, जिससे वहां भी काफी नुकसान हुआ था।