Greenland News: अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के बीच आर्कटिक सुरक्षा को लेकर बड़ा रक्षा समझौता हुआ है। इस समझौते के तहत ग्रीनलैंड में अमेरिकी सेना की मौजूदगी का विस्तार किया जाएगा। लंबे समय से चल रहे तनाव के बीच हुए इस समझौते में डेनमार्क और ग्रीनलैंड की संप्रभुता बनाए रखने पर सहमति बनी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस त्रिपक्षीय समझौते की पुष्टि करते हुए इसे सुरक्षा के लिहाज से ऐतिहासिक बताया है। समझौते का मुख्य मकसद विरोधी देशों को ग्रीनलैंड में सैन्य ठिकाने बनाने और संवेदनशील निवेश करने से रोकना है। हालांकि, इस समझौते से ग्रीनलैंड का राजनीतिक नियंत्रण या मालिकाना हक अमेरिका को नहीं मिला है।
पुराने सैन्य अड्डों को फिर सक्रिय करने की योजना
रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका दक्षिणी ग्रीनलैंड के नार्सार्सुआक में शीतयुद्ध के पुराने सैन्य बेस को फिर सक्रिय करने की तैयारी में है। इसके अलावा पूर्वी ग्रीनलैंड के मेस्टरस्विग में भी एक नया अमेरिकी सैन्य बेस स्थापित किया जा सकता है। इससे अमेरिका को आर्कटिक इलाके में अपनी निगरानी क्षमता मजबूत करने में मदद मिलेगी।
डेनमार्क और ग्रीनलैंड के नेतृत्व ने साफ किया है कि समझौते में स्थानीय लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार को पूरी मान्यता दी गई है। ट्रंप 2019 से ग्रीनलैंड को खरीदने और सैन्य नियंत्रण की बात कर रहे थे। अब इस कूटनीतिक समझौते के जरिए सैन्य विस्तार का रास्ता निकाल कर तनाव को कम किया गया है।