Madrid News: यूरोप में अवैध प्रवासियों की अचानक हुई घुसपैठ ने बड़ा कूटनीतिक संकट खड़ा कर दिया है। उत्तरी अफ्रीका से सटे स्पेन के सेउटा इलाके में बिना दस्तावेज वाले हजारों प्रवासियों के दाखिल होने से हड़कंप मच गया है। हालात बेकाबू होते देख इटली ने स्पेन के साथ ओपन-बॉर्डर समझौते को निलंबित करने की चेतावनी दी है।
इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी का कड़ा रुख
इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया पर कहा कि सेउटा की तस्वीरें यूरोप की सीमाओं के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीमा सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। रोम अपनी रक्षा के लिए शेंगेन फ्री-मूवमेंट समझौते को निलंबित करने जैसा असाधारण कदम भी उठा सकता है।
मानवीय आपातकाल और स्पेन में बढ़ा राजनीतिक विवाद
सेउटा के क्षेत्रीय अध्यक्ष जुआन जीसस विवास ने इस स्थिति को गंभीर मानवीय आपातकाल करार देते हुए केंद्र सरकार से तुरंत मदद मांगी है। उधर, स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मोरक्को के अधिकारियों से संपर्क साधा है। हालांकि, देश के भीतर विपक्षी दल सरकार की ढुलमुल नीतियों की तीखी आलोचना कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा विरोध और 2021 जैसा संकट
जर्मनी की AfD नेता ऐलिस वेडेल ने तुरंत सीमाएं बंद करने और प्रवासियों को डिपोर्ट करने की मांग की है। बहुत कम समय में 1,500 से अधिक प्रवासी सीमा पार कर चुके हैं। यह घटना साल 2021 के बाद सेउटा में सीमा पर तनाव की सबसे गंभीर स्थिति है, जब 8,000 से अधिक लोग दाखिल हुए थे।