Riyadh News: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच सैन्य टकराव फिर तेज हो गया है। लाल सागर में एक सऊदी मालवाहक जहाज पर हमले के बाद सऊदी अरब ने हुदैदाह शहर में हवाई हमले किए। इसके जवाब में हूतियों ने सऊदी अरब को जहन्नुम के दरवाजे खुलने की चेतावनी दी है।
सऊदी मालवाहक जहाज पर लाल सागर में हमला
सऊदी सरकारी समाचार एजेंसी एसपीए के अनुसार, एनसीसी मासा नामक मालवाहक जहाज पर लाल सागर में हमला किया गया। इस हमले में जहाज को बेहद मामूली नुकसान पहुंचा, लेकिन सुरक्षा जांच के बाद उसे पूरी तरह सुरक्षित घोषित कर दिया गया। इसके बाद जहाज अपने निर्धारित गंतव्य के लिए रवाना हो गया और सभी क्रू मेंबर्स सुरक्षित हैं।
जहाज पर हमले के तुरंत बाद हूती प्रशासन ने आरोप लगाया कि सऊदी अरब ने यमन के हुदैदाह शहर में हवाई हमले किए हैं। हूती समर्थित अल मसीरा टीवी के मुताबिक, दूरसंचार विभाग से जुड़े ठिकानों और कमरान द्वीप को निशाना बनाया गया है। इस रिपोर्ट में एक महिला के घायल होने का भी दावा किया गया है।
हूती विदेश मंत्रालय ने दी कड़ी चेतावनी
हूती विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि सऊदी अरब ने तनाव के बदले तनाव की नीति अपनाई है और इसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। वहीं हूती प्रवक्ता ने सोशल मीडिया पर चेतावनी देते हुए कहा कि सऊदी अरब की इस कार्रवाई ने उसके लिए जहन्नुम के दरवाजे खोल दिए हैं, जिससे क्षेत्रीय संकट और बढ़ सकता है।
यमन में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल मलिकी ने लाल सागर में जहाजों पर हूतियों के हमलों को कायराना बताया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसे हमले जारी रहे तो गठबंधन बिना किसी हिचकिचाहट के सख्त जवाबी कार्रवाई करेगा। इससे समुद्री मार्गों पर सुरक्षा का खतरा बढ़ गया है।
समुद्री प्रतिबंध और तेल टैंकरों पर हमले का दावा
हूतियों ने कुछ दिन पहले भी दावा किया था कि उन्होंने लाल सागर में कई सऊदी तेल टैंकरों को ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाया है। हूती समूह का कहना है कि ये जहाज उनके घोषित समुद्री प्रतिबंध का उल्लंघन कर रहे थे। यह प्रतिबंध उन्होंने सना हवाई अड्डे पर हुए हमले के बाद लागू किया था।
सना हवाई अड्डे पर हुए हमले के लिए हूती विद्रोही सीधे तौर पर सऊदी अरब को जिम्मेदार ठहराते हैं। इसी के जवाब में वे लाल सागर से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बना रहे हैं। इस ताजा टकराव के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।