Inglewood News: अमेरिका के कैलिफोर्निया में एक प्लेन से बर्फ का बड़ा टुकड़ा घर पर गिरने के मामले में कोर्ट के बाहर समझौता हो गया है। जेटब्लू एयरवेज और पीड़ित दंपत्ति ने आपसी सहमति से यह विवाद सुलझा लिया है। इस हादसे में दोनों लोगों की जान बाल-बाल बच गई थी। हालांकि समझौते की रकम को गोपनीय रखा गया है।
कैलिफोर्निया के इंगलवुड में रहने वाले माइकल रीस और लिया फेरारिनी के घर पर यह घटना 1 जनवरी 2024 की रात घटी थी। करीब 8 बजे आसमान से एक भारी बर्फ का टुकड़ा तेजी से नीचे आया। उसने मकान की छत को पूरी तरह तोड़ दिया और सीधे बेडरूम में उनके बिस्तर के ठीक ऊपर जा गिरा।
हादसे के वक्त दंपत्ति घर के भीतर ही मौजूद थे। गनीमत रही कि बर्फ गिरने की जगह से वे महज कुछ सेकंड की दूरी पर थे। इस वजह से एक बड़ा हादसा होने से टल गया। जांच से पता चला कि यह बर्फ न्यूयॉर्क से लॉस एंजिलिस जा रही जेटब्लू एयरवेज की फ्लाइट से गलती से नीचे गिर गई थी।
लापरवाही के खिलाफ कोर्ट में दंपत्ति का केस
इस खतरनाक घटना के बाद पीड़ित दंपत्ति ने जेटब्लू एयरलाइन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया। उन्होंने कोर्ट से छत की मरम्मत और शारीरिक व मानसिक तनाव के नुकसान की भरपाई मांगी। इसके साथ ही उन्होंने रोजगार में हुए बड़े नुकसान के लिए भारी आर्थिक मुआवजे की भी मांग उठाई थी।
दस्तावेजों के मुताबिक, दंपत्ति ने छत के नुकसान के लिए 11 हजार डॉलर से ज्यादा की रकम मांगी। मानसिक स्वास्थ्य के इलाज के लिए करीब 5,600 डॉलर मांगे गए थे। इसके अलावा मई 2024 से फरवरी 2025 तक काम पर न जा पाने के कारण 84 हजार डॉलर के वेतन नुकसान का भी दावा किया था।
अदालत ने समझौते को दी मंजूरी
टॉरेंस सुपीरियर कोर्ट के जज एलन बी. हनीकट ने बुधवार को दोनों पक्षों के बीच हुए इस समझौते पर अपनी मोहर लगा दी। एयरलाइन के वकीलों ने समझौते को दोनों पक्षों के हित में बताया। हालांकि उनका दावा था कि ट्रायल होने पर कंपनी के पास जिम्मेदारी से इंकार करने के ठोस कानूनी तर्क थे।
फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) की जांच में पता चला कि इस विमान के पोटेबल वॉटर यानी पीने के पानी वाले सिस्टम में जुलाई 2023 से तकनीकी दिक्कत थी। इसी लीकेज के कारण ऊंचाई पर उड़ते वक्त पानी जम जाता था और फिर बर्फ बनकर अचानक नीचे की तरफ गिर जाता था।
सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
दंपत्ति ने यह आरोप भी लगाया कि अगस्त 2023 में मैसाचुसेट्स में हुई एक ऐसी ही घटना से एफएए ने इसी विमान को जोड़ा था। उस दौरान भी इसी प्लेन से गिरी बर्फ की वजह से एक अन्य मकान को नुकसान पहुंचा था। इस तरह की घटनाएं हवाई यात्रियों और जमीन पर मौजूद लोगों के लिए बड़ा खतरा हैं।
अक्टूबर 2024 में केस दर्ज कराने वाले कपल का कहना है कि वे अब भी खौफ में जी रहे हैं। उन्हें डर रहता है कि कहीं दोबारा आसमान से कोई मलबा या बर्फ उनके घर पर न गिर जाए। हालांकि, इस मामले में बर्फ जमने की अंतिम तकनीकी जिम्मेदारी का सवाल अलग कानूनी प्रक्रिया का विषय बना हुआ है।