Delhi News: भारत स्थित ईरान दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक भावुक पोस्ट साझा की है। दूतावास का दावा है कि अराक के एक ग्रामीण इलाके में हुए अमेरिका-इजराइल हमले में तीन दिन के नवजात और दो अन्य की मौत हो गई।
दूतावास के मुताबिक इस हमले में तीन दिन के नवजात मोजतबा, उसकी दो वर्षीय बहन और उनकी दादी मारी गईं। ईरानी दूतावास ने मोजतबा को ईरान का सबसे कम उम्र का शहीद बताते हुए कहा कि यह हमला एक रिहायशी मकान पर हुआ था।
सोशल मीडिया पर नागरिक सुरक्षा को लेकर छिड़ी बहस
पोस्ट के साथ साझा तस्वीरों के बाद सोशल मीडिया पर नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बहस छिड़ गई है। कई लोगों ने युद्ध के मानवीय प्रभाव पर चिंता जताई है, तो कुछ ने इस दावे की स्वतंत्र जांच और पुष्टि की मांग की है।
फिलहाल ईरान के इस दावे की किसी स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है। इसके अलावा अमेरिका या इजराइल की ओर से भी इस विशेष घटना पर अब तक कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच आम नागरिकों के हताहत होने के दावे लगातार सामने आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाएं न केवल मानवीय संकट को बढ़ाती हैं, बल्कि कूटनीतिक माहौल को भी प्रभावित करती हैं।