Peshawar News: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की तीन साल की सजा पूरी होने पर पीटीआई ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहैल अफरीदी ने पेशावर की रैली में 27 सितंबर को इस्लामाबाद मार्च की चेतावनी दी है। उन्होंने इमरान खान और उनकी पत्नी के लिए न्याय की मांग की है।
इमरान खान से जेल में मुलाकातों पर पाबंदी हटाने की मांग
सोहैल अफरीदी ने पेशावर सभा में इमरान खान और उनकी पत्नी के मामलों की निष्पक्ष सुनवाई की मांग रखी। उन्होंने कहा कि अदालतों को कानून के आधार पर फैसला करना चाहिए। अफरीदी ने दावा किया कि न्याय मिलते ही इमरान जेल से बाहर आ जाएंगे। मांगे पूरी न होने पर वे 27 सितंबर को कार्यकर्ताओं के साथ इस्लामाबाद पहुंचेंगे।
पीटीआई नेता ने इमरान की गिरफ्तारी को बताया अपहरण
पीटीआई नेता ने आरोप लगाया कि इमरान खान को काफी समय से अलग रखा गया है। उनकी बहनों को भी मिलने में परेशानी हुई है। हालांकि इस पर सरकार की प्रतिक्रिया नहीं आई है। अफरीदी ने कहा कि उनकी पार्टी न्याय मांग रही है। उन्होंने गिरफ्तारी को अपहरण बताते हुए कहा कि कानूनी रास्ते अपनाने के बाद अब वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे।
संवैधानिक संशोधनों से न्यायपालिका की स्वतंत्रता कमजोर होने का आरोप
सोहैल अफरीदी ने पाकिस्तान के 26वें और 27वें संवैधानिक संशोधनों पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि इन बदलावों से न्यायपालिका कमजोर हुई है। अफरीदी ने कहा कि अप्रैल 2022 में इमरान की सरकार गिरने के बाद देश की अर्थव्यवस्था बिगड़ी है। इसके अलावा उन्होंने खैबर पख्तूनख्वा में बढ़ती हिंसा और आतंकवाद को लेकर भी मौजूदा सरकार को घेरा है।