Washington News: इजराइल ने अमेरिका को आगाह किया है कि ईरान के जरिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की हत्या के लिए कई साजिशें रची जा रही हैं। इजराइली खुफिया एजेंसी ने बताया कि इनमें स्नाइपर, चाकू और कंधे से दागी जाने वाली मिसाइलों से हमले की योजनाएं शामिल थीं। इन चेतावनियों के आधार पर सीक्रेट सर्विस ने सख्त कदम उठाए।
यह खुफिया इनपुट अमेरिकी एजेंसियों और सीधे व्हाइट हाउस के आला अधिकारियों को भेजा गया था। सबसे विस्तृत चेतावनी जुलाई में नाटो शिखर सम्मेलन के लिए ट्रम्प की तुर्की यात्रा से ठीक पहले मिली थी। तुर्की यात्रा के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने सावधानी बरतते हुए ट्रम्प को ‘एयर फोर्स वन’ से दूसरे विमान में शिफ्ट कर दिया था।
सूत्रों के अनुसार, इजराइली अधिकारियों ने अमेरिकी प्रशासन को बताया था कि ईरान ‘एयर फोर्स वन’ में सफर के समय ट्रम्प को निशाना बना सकता है। इसके लिए कंधे से दागी जाने वाली मिसाइल का इस्तेमाल किया जा सकता था। हालांकि, बाद में अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए इजराइल द्वारा बताए गए इन खास खतरों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं कर सकी।
अमेरिकी खुफिया समुदाय का मानना रहा है कि ईरान 2020 में मारे गए सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत का बदला ट्रम्प से लेना चाहता है। इसके बावजूद सीआईए ने कई मौकों पर स्वीकार किया कि उसे इजराइली इनपुट पर बहुत कम भरोसा था। यह स्थिति दर्शाती है कि दोनों देशों के आकलन के बीच बड़ा अंतर मौजूद था।
इस वर्ष की शुरुआत में अमेरिकी एजेंसियों का मानना था कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बना रहा है, जबकि इजराइल तेहरान से तुरंत खतरे का दावा कर रहा था। तुर्की के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि उनकी खुफिया एजेंसी को ट्रम्प पर हमले की इजराइली चेतावनी का कोई ठोस सबूत नहीं मिला और उन्होंने यह बात अमेरिका से भी साझा की थी।