Beijing News: दुनिया में सबसे अधिक बांध और जलाशय बनाने वाला देश चीन अब अपनी इन्हीं परियोजनाओं को लेकर गंभीर सवालों के घेरे में खड़ा है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, चीन में करीब 1 लाख जलाशय और बांध मौजूद हैं। इनका निर्माण बाढ़ नियंत्रण, बिजली उत्पादन और जल संरक्षण के उद्देश्य से किया गया था।
मौसम में भारी बारिश होते ही ये बांध स्थानीय निवासियों के लिए बड़ा खतरा बन जाते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, चीन में जलाशयों से अचानक भारी मात्रा में पानी छोड़ दिया जाता है। इस दौरान निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को पहले से कोई पूर्व सूचना या चेतावनी जारी नहीं की जाती है।
बिना चेतावनी गेट खोलने से गुआंग्शी में भारी तबाही
अक्सर रात के समय बिना किसी पूर्व सूचना के फ्लड गेट खोल दिए जाते हैं। इससे निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को संभलने का मौका भी नहीं मिलता है और बाढ़ का पानी सीधे उनके घरों तक पहुंच जाता है। जुलाई की शुरुआत में गुआंग्शी प्रांत के कई गांवों में ऐसी ही विकट स्थिति देखी गई।
गुआंग्शी प्रांत के कई इलाकों में घरों की छत तक पानी भर गया, जहां लोगों ने छतों पर चढ़कर अपनी जान बचाई। लगातार बारिश और टाइफून के कारण 6 जुलाई को तड़के लीउलान जलाशय के टूटने से भयंकर तबाही मच गई। इससे कई कस्बे, फसलें, सड़कें और बिजली व्यवस्था पूरी तरह तबाह हो गई।
कमजोर ढांचे और घटिया मरम्मत ने बढ़ाई चिंता
लीउलान जलाशय की मरम्मत परियोजना में गुणवत्ता संबंधी गंभीर खामियां पाई गई थीं, जिन्हें जल संसाधन विभाग ने साल 2022 में ही चिह्नित कर दिया था। इसके बावजूद समय पर आवश्यक सुधार नहीं किए गए। नतीजतन, तेज बारिश के दबाव में बांध का ढांचा पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर टूट गया।
चीन के इतिहास में 1975 का बानकियाओ बांध हादसा दुनिया की सबसे भयंकर बांध त्रासदियों में गिना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि दशकों पुराने बांधों की संरचना कमजोर हो चुकी है। यदि समय रहते पारदर्शी प्रबंधन और मजबूत निर्माण सुनिश्चित नहीं किया गया, तो मानसून में यह खतरा लगातार बना रहेगा।
