New Delhi: माइक्रोसॉफ्ट के लोकप्रिय गेमिंग प्लेटफॉर्म एक्सबॉक्स की सेवाएं सोमवार को अचानक ठप हो गईं। इस तकनीकी खराबी के कारण दुनियाभर के हजारों यूजर्स को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोग अपने खरीदे हुए और डाउनलोड किए गए गेम्स भी एक्सेस नहीं कर पा रहे थे।
यूजर्स ने सोशल मीडिया पर शिकायत की कि कंसोल पर गेम लॉन्च नहीं हो रहे हैं और लाइसेंस वेरिफिकेशन बार-बार फेल हो रहा है। इसके बाद एक्सबॉक्स सपोर्ट ने भी आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया कि उनके अकाउंट, स्टोर सब्सक्रिप्शन और मोबाइल सर्विसेज में तकनीकी रुकावट आई है।
डिजिटल गेमिंग मॉडल और ओनरशिप पर उठे सवाल
सोशल मीडिया और रेडिट पर यूजर्स ने बताया कि यह तकनीकी समस्या 26 जुलाई की देर रात शुरू होकर 27 जुलाई तक जारी रही। सर्वर की गड़बड़ी के कारण वे गेम्स भी बंद हो गए जो आमतौर पर बिना इंटरनेट के ऑफलाइन भी आसानी से खेले जा सकते हैं।
इस बड़ी रुकावट के कारण डिजिटल गेमिंग मॉडल पर एक नई बहस शुरू हो गई है। यूजर्स का तर्क है कि जब मोटी रकम देकर खरीदे गए गेम्स भी सर्वर डाउन होने पर नहीं चल सकते, तो डिजिटल मालिकाना हक का कोई मतलब नहीं रह जाता है।
3200 कर्मचारियों की छंटनी के बाद निशाने पर आईं सीईओ आशा शर्मा
सेवाओं में आई इस बाधा के बीच एक्सबॉक्स की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) आशा शर्मा भी आलोचनाओं के घेरे में आ गई हैं। इसी महीने उन्होंने कंपनी के एआई-आधारित पुनर्गठन के तहत एक्सबॉक्स डिवीजन से लगभग 3,200 कर्मचारियों की बड़ी छंटनी की घोषणा की थी।
इस बड़े पैमाने पर हुई छंटनी के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। कई यूजर्स ने आरोप लगाया कि अमेरिकी कर्मचारियों को निकालकर H-1B वीजा धारकों को तरजीह दी जा रही है, जिससे कंपनी के नेतृत्व पर दबाव बढ़ गया है।
जानिए कौन हैं एक्सबॉक्स की सीईओ आशा शर्मा
आशा शर्मा का जन्म अमेरिका के विस्कॉन्सिन राज्य में हुआ था। उन्होंने मिनेसोटा यूनिवर्सिटी के कार्लसन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से अपनी पढ़ाई पूरी की। करियर की शुरुआत माइक्रोसॉफ्ट से करने के बाद उन्होंने पोर्च ग्रुप, मेटा और इंस्टाकार्ट जैसी प्रमुख कंपनियों में वरिष्ठ पदों पर काम किया।
साल 2024 में वह माइक्रोसॉफ्ट में वापस लौटीं और कोर एआई प्रोडक्ट्स की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद फरवरी 2026 में उन्हें एक्सबॉक्स का सीईओ नियुक्त किया गया। हालांकि, पद संभालते ही छंटनी और सर्वर ठप होने की घटनाओं से उनकी चुनौतियां काफी बढ़ गई हैं।