San Francisco News: सैन फ्रांसिस्को की टेक कंपनी टावुस ने दुनिया का पहला ह्यूमन इंटरैक्शन मॉडल ग्रिफिन पेश किया है। यह एआई टूल इंसानों जैसी आवाज, चेहरे के भाव और हाथों के इशारों के साथ रीयल-टाइम वीडियो बातचीत करने में सक्षम है। यह मॉडल यूजर के विजुअल सिग्नल्स को भी आसानी से समझ लेता है।
बिना लैग के चेहरे के भाव और आवाज की पहचान
कंपनी का दावा है कि ग्रिफिन आम चैटबॉट्स की तरह केवल टेक्स्ट पर निर्भर नहीं रहता है। यह फेस-टू-फेस बातचीत के लिए तैयार किया गया है। एनवीडिया के वीडियोएफडीबी बेंचमार्क पर इसने पांच में से 3.83 का स्कोर हासिल किया है, जो इंसानों के 3.92 स्कोर के काफी करीब पहुंच चुका है।
लाइव वीडियो डेमो के दौरान यह सिस्टम बिना किसी रुकावट के सवालों के सटीक जवाब देता दिखाई दिया। बातचीत के दौरान यह आवाज के लहजे और शारीरिक हाव-भाव को लगातार प्रोसेस करता रहता है। इसकी स्वाभाविक प्रतिक्रिया के कारण पहली नजर में असली इंसान और एआई के बीच फर्क करना मुश्किल हो जाता है।
मॉक इंटरव्यू और कस्टमर सपोर्ट में मिलेगी मदद
यह एडवांस मॉडल टावुस की वीडियो जनरेशन और स्पीच रिकॉग्निशन तकनीक पर आधारित है। कंपनी के अनुसार इसका मुख्य उपयोग मॉक इंटरव्यू, पर्सनल ट्यूटरिंग और कस्टमर केयर में किया जा सकता है। यूजर्स को इसके लिए किसी विशेष प्रॉम्प्ट या कमांड की जरूरत नहीं होगी और वे सीधे संवाद कर सकेंगे।
टावुस ने सुरक्षा और तकनीकी डिस्क्लोजर कारणों से इस टूल को आम जनता के लिए पूरी तरह जारी नहीं किया है। वर्तमान में चुनिंदा टेस्टर्स और डेवलपर्स को टेस्टिंग के लिए इसका लाइट वर्जन उपलब्ध कराया जा रहा है। कंपनी जरूरी सुधारों के बाद ही इसे सार्वजनिक रूप से रोलआउट करने की योजना बनाएगी।