Chennai News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तमिलनाडु दौरे के दौरान एक दिलचस्प वाकया सामने आया। चेन्नई मेट्रो में यात्रा के दौरान एक युवा स्टार्टअप फाउंडर ने पीएम मोदी के सामने सिर्फ 90 सेकेंड में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े दो इनोवेटिव प्रस्ताव पेश किए, जिनका फोकस छात्रों और सरकारी कामकाज पर था।
विन्सेन लैब्स के संस्थापक तेजस पार्थसारथी सुदर्शन उन 17 स्टार्टअप संस्थापकों में शामिल थे, जिन्हें प्रधानमंत्री से बातचीत के लिए चुना गया था। उन्होंने मेट्रो में बेहद कम समय में समझाया कि तकनीक कैसे छात्रों को प्रैक्टिकल अनुभव दे सकती है और आम नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं को बेहद आसान बना सकती है।
छात्रों को वास्तविक प्रोजेक्ट्स और समस्याओं से जोड़ने की योजना
सुदर्शन ने बताया कि उनका पहला विचार छात्रों को वास्तविक दुनिया की चुनौतियों से जोड़ना है। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकारी विभागों को विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर काम करना चाहिए। इससे कॉलेज के छात्रों को वास्तविक प्रशासनिक समस्याओं पर काम करने और अपने एआई ज्ञान को जमीनी स्तर पर आजमाने का शानदार मौका मिलेगा।
उनका दूसरा विचार नागरिकों की सुविधा के लिए सिंगल एआई सर्विस डेस्क बनाना है। इस सिस्टम में लोग एक बार अपनी रिक्वेस्ट और दस्तावेज सबमिट करेंगे। इसके बाद एक इंटेलिजेंट एजेंट उस आवेदन को ट्रैक करके सही विभाग तक पहुंचा देगा, जिससे दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत खत्म हो जाएगी।
स्कूल चुनाव से प्रधानमंत्री तक का तकनीकी सफर
केपीएमजी इंडिया में काम कर चुके सुदर्शन ने सोशल मीडिया पर बताया कि 2017 में स्कूल चुनावों के दौरान उन्होंने गूगल क्लासरूम का विचार रखा था। लगभग नौ साल बाद उन्हें सीधे प्रधानमंत्री से बातचीत का अवसर मिला। हालांकि, ये विचार अभी केवल सुझाव हैं और इन पर कोई सरकारी फैसला नहीं हुआ है।
